मैं जब जब तुमको भूल जाती हूँ, तो बूढ़ी हो जाती हूँ…

मैं पिछली सदी में
किसी ऋषि द्वारा की गयी
वह भविष्यवाणी हूँ

जिसे अंदाज़ा नहीं था
गलत समय में पूरी होने वाली
भविष्यवाणी का वर्तमान
कितना त्रासदीपूर्ण होगा

कम से कम उस मनुष्य के लिए
जो भूल चुका हो
अपनी अतीत की यात्रा

मैं रसायन शास्त्र का
वो अज्ञात तत्व हूँ
जिसके लिए
पीरियोडिक टेबल में स्थान
खाली छोड़ दिया गया है

मैं ही वो नक्षत्र हूँ
जिसने कइयों की ग्रहदशा को
विपत्ति में डाल
उसे हमेशा के लिए छोड़ दिया
फिर वो इस धरती का नहीं रह जाता
आकाश गंगा के अज्ञात दसवें ग्रह का
हिस्सा हो जाता है

मैं धरती का वो अंतिम बार उगा सूर्य हूँ
जिसके बाद वह प्रलय की बाँहों में समा जाएगी
और मैं ही वह पहली एक कोशीय संरचना हूँ
जो करोड़ों वर्ष बाद
फिर जीवन के दोबारा जन्मने का
सन्देश लेकर आएगी

मैं दुनिया के सबसे रचनात्मक कवि की
सबसे अश्लील कविता हूँ
जिसे उसने कभी लिखी ही नहीं
कि उसके जीवन भर की कमाई प्रशंसा पर
दाग़ न लग जाए…

मैं क्वांटम भौतिकी का वो रहस्य हूँ
जो कभी सिद्ध और स्थापित न हो सका
श्रोडिंजर की बिल्ली की तरह
एक ही समय में
उसके जीवित और मृत
होने की संभावना के साथ
उस पर हमेशा शोध चलती रही

जो किसी अन्य ग्रह पर एक ही समय में
आपकी प्रतिलिपि का
विपरीत स्थिति में होने की
संभावना की
पुष्टि करता रहा

तो मैं जो तुम्हें अपनी दुनिया में हमेशा
युवा और सुन्दर दिखाई देती हूँ
वही मैं अपनी दुनिया में 517 वर्ष की उम्र पा चुकी हूँ

क्योंकि मैं जब जब तुमको भूल जाती हूँ तो बूढ़ी हो जाती हूँ….

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