जीवन की सबसे अश्लील और अंतिम कविता

यह मेरे जीवन की सबसे अश्लील और अंतिम कविता है जब मैं अपने स्थूल भगोष्ठों पर तुम्हारी चेतना के सूक्ष्म स्पर्श को अनुभव करते हुए ब्रह्माण्डीय प्रेम के चरम बिन्दु को छू रही हूँ जहाँ दो देहो के मिले बिना आत्म मिलन की संतुष्टि की गाथा लिखी जाएगी कामसूत्र के अदृश्य ताम्रपत्रों में और उकेरी … Continue reading जीवन की सबसे अश्लील और अंतिम कविता