लव जेहाद : एक खौफनाक जाल

इस खौफनाक किस्से की शुरुआत एक गलत फोन कॉल से हुई थी…

डेढ़ साल पहले मेरी एक सहेली को एक अपरिचित नंबर से कॉल आया, उस तरफ एक लड़का था जो कह रहा था कि उसे मेरी सहेली से बात करनी है. मेरी सहेली ने पहले उससे बात करने से इनकार कर दिया पर जब लड़के ने गिड़गिड़ाते हुए जिद करी की उसका उसकी प्रेमिका से ब्रेकअप हो गया इसलिए उसे कोई ऐसी लड़की से बात करने की चाहत थी जिससे वो अपने दिल की बात कह सके. वो मान गयी.

मुझे अब तक इसके बारे में कुछ भी पता नही था, मेरी सहेली (जो कि इस वक़्त तक किसी अन्य लड़के के साथ प्रेम में थी) इस लड़के के साथ इतना घुली-मिली नही थी हालांकि नया लड़का अब उससे व्हाट्सअप पे बात करने लगा था.

अगस्त, 2017 का मध्य होगा जब मुझे ये बात पता चली कि मेरी सहेली एक ऐसे लड़के के संपर्क में है जो कि “शांतिदूतों के मजहब” से है. मुझे यहाँ शक हुआ पर वो उससे “दोस्ती कर” खुश थी (क्योंकि अब उसके प्रेमी के साथ उसके संबंध ठीक नहीं चल रहे थे ).

मुझे याद है कि मैंने उसे चेताया था उस लड़के के बारे में की वो दूसरे धर्म से है इसलिए कृपा कर अपनी हद पार मत करना चूंकि तुम्हारे माता-पिता तुम्हे पढ़ाने के लिए काफी मेहनत और पैसे खर्च कर रहे हैं . और वो हमेशा की तरह प्रतिक्रिया देती – “नही, मैं दोस्ती से ज्यादा कुछ भी नही करूंगी.”

एक दिन उसने हमें बताया कि, वो लड़का नाई का काम करता है तो मैं हैरान रह गयी.

15 सेप्टेम्बर…

उस लड़के ने उसे एक मानव आकार का teddy Bear और एक magic mirror ( महज एक तरह का उपहार, उसमे जादुई कुछ भी नहीं था.) भेजा तो उस दिन मानो वो आसमान में थी. मुझे ताना मारा गया…

“कंचन, तेरे तो इतने सारे दोस्त हैं फिर भी क्या कभी किसी ने तुझे ऐसा उपहार भेजा?”.

मैं गुस्से से तिलमिला गयी क्योंकि मुझे अपनी सहेली से ऐसे शब्द बिल्कुल भी अपेक्षित नहीं थे औऱ अब मेरा शक और गहरा गया तो इसी बाबत मैंने अपने एक मित्र से बात करी तो उसने मुझे चेताया कि संम्भवतः इस लड़के को कोई संगठित रैकेट पैसे मुहैया करा रहा है, लड़कियों को फँसाने के लिए.

सेप्टेम्बर खत्म होते होते मेरी सहेली ने अपने पहले प्रेमी से अपने रिश्ता तोड़ लिया और उन सारे नंबरों को हटा दिया जो उसके पहले प्रेमी के पास थे. याने उसके लिए संपर्क के रास्ते बंद कर दिये.. फिर उसने एक नया सिम लिया और उस नंबर को उस विधर्मी लड़के के अलावा अन्य केवल पाँच लोगो को दिया जिसमें होस्टल से एक मात्र मैं और बाकी चार उसके परिवार वाले थे.

जब भी मै उससे उस लड़के का पता-ठिकाना पूछती थी तो वो बस इतना कि कहती थी को वो मुज्जफरनगर से है. उस समय नवंबर के मध्य चल रहा होगा जब वो लड़का एक शाम मुज्जफरनगर से मेरी सहेली से मिलने आया और वह भी महज 15 मिनट के लिए, उस 15 मिनट के बातचीत के दौरान उसने उसे 5 गिफ्ट्स दिए जिससे मेरा शक और गहराता चला गया . यही वो दिन था जब इन दोनों की दोस्ती प्यार में बदल गयी पर उसने हमें अब तक इस रिश्ते के बारे में नही बताया.

उसने अपने सारे सोशल मीडिया एकाउंट बन्द कर लिये. अब वो लड़का उसे नियंत्रित कर रहा था, उसे हमारे साथ घूमने की भी अनुमति नहीं थी यहाँ तक कि उसे अपने दोस्तों से फोन पे बात तक करने की भी मनाही थी और जब भी वो अपने घर वालों को फोन करती तो वो फ़ोन को उस लड़के के साथ conference पे रखती ताकि वो उनकी सारी बातें सुन सके.

वो इस तरह से उसके काबू में आ गयी थी कि वो हमेश उसका ही समर्थन करती थी. उसका फ़ोन हर वक़्त उस लड़के के साथ कॉल में रहता था यहाँ तक कि अगर वो डिनर भी कर रही हो, पढ़ाई भी कर रही हो, नहा भी रही हो तो भी वो फोन पे उस लड़के से जुड़ी होती थी.

उसकी रूम पार्टनर भी मेरी सहेली थी. परीक्षा के दौरान उसने मेरे से बात की और रोने लगी कि हमारी सहेली अब उस लड़के के लिए पागल हो गयी है पर चूँकि मैं भी अपने परीक्षा के तैयारियों में व्यस्त थी तो मुझे इन चीजों का ध्यान नहीं रहता था कि अभी उसके साथ क्या चल रहा है. जब मैं उसके कमरे पे गयी तो उसने मुझे हमारी सहेली के बारे में सब कुछ बताया.

उसने बताया कि हमारे सहेली अब उस लड़के की कठपुतली बन गयी है. ये अत्यंत निराशा वाली बात थी कि सब को छोड़ वो अब 24 घण्टे उस लड़के के साथ फोन पे होती है, आखिर कैसे कोई उस लड़के से इतने प्यार कर सकती है जिससे वो अपने जीवन में महज 15 मिनट के लिए मिली थी. मैने उससे सीधा सवाल किया तो वो बोली

“मैं उससे प्यार करती हूँ और उसे नहीं छोड़ सकती.”

मैंने उसे वो सारी बातें बताई, सारे पहलू गिनाये जिनसे संम्भवतः वो खुद को और हमे मुसीबत में डाल सकती थी. उसने हमेशा कहा कि ” मैं उस पे पूरा भरोसा करती हूं, वो कुछ गलत नहीं कर सकता.”

वो इस हद तक उस लड़के के बस में थी कि उसने अपने सारे दोस्तों से किनारा कर लिया (लड़कियों से भी). वो अब हर बात पे सबसे झगड़ने लगी थी, उन बातों पे भी जो बात करने के लायक भी नहीं थे… हमने अपनी सहेली को पूरी तरह बदलते देखा. वो हमसे भी लड़ी और उसने हमसे भी बात करना बंद कर दिया.

पिछले शनिवार की बात है मुझे उसके रूम पार्टनर से कुछ काम था जो कि मेरी भी सहेली थी.

वो (झगड़े वाली) अपने कपड़े साफ करने गयी थी तभी उसका फोन बजने लगा… करीब 6 बार ऐसा हुआ जिसे मैंने नजरअंदाज कर दिया पर अंत में मैंने अपनी सहेली को बाहर से बन्द कर दिया और फ़ोन उठा कर गुस्से में उस लड़के पे फूट पड़ी, मैं चिल्लाने लगी और लड़का मुझे लगातार धमकियाँ दिए जा रहा था. मेरी सहेली जिसे मैंने बन्द कर दिया था वो अंदर से रो रो कर कहने लगी कि उसे कुछ मत कहो प्लीज…

मैं समझ गयी कि ये सब अब खत्म नहीं होने वाला.

मैंने उसका फोन रख लिया और उससे सवालात शुरू कर दिया, शुरुआत में उसने झूठ बोलने की कोशिश की पर फिर उसने मुझे सब कुछ सही सही बताया और जो उसने मुझे बताया वह सुन कर मेरे पाँव तले जमीन खिसक गई.

मैं कुछ पल के लिए एकदम सुन्न हो गयी… मैं यहाँ सबकुछ नहीं लिख सकती पर एक बात थी कि वो इसे इमोशनली ब्लैकमेल कर रहा था. उस लड़के के कई नकली ID थे यहाँ तक कि हम में से कोई उसका असली नाम तक नहीं जानते थे. इस दिन स्वतः मैंने फैसला लिया कि मैं अपनी सहेली को आज घर भिजवा दूंगी इसलिए मैंने उसके घर वालों को फोन कर बुलाया और उन्हें सारी बातें बताई. लड़का चूँकि उससे बराबर Screen Shot माँगा करता था, उसकी हर बात की जानकारी रखता था तो ऐसे में उसके पास मेरे नंबर का एक Screen Shot भी गया था और रविवार को मेरी सहेली के घर वाले आ कर उसे ले गए.

अब वो लड़का मुझे फोन करने लगा, मैंने उसके कई नंबर ब्लॉक किये पर वह हर बार नये नंबर से फोन करने लगा. मैंने उसके 10 -12 नंबर को ब्लॉक किया.

इतवार को मैंने महिला शिकायत केंद्र में उसकी शिकायत दर्ज कराई और उसके सारे नंबर उन्हें दे दिए.

सोमवार ओर मंगलवार चिंता में बीत गया पर उसने मुझे फोन नहीं किया… बुधवार को करीब 2 बजे से उसने मुझे फिर से लगातार फोन करना शुरू किया पर मैंने फोन नहीं उठाया. होस्टल लौटते वक्त मैंने उस नीच को मेरे होस्टल के सामने खड़ा हो कर उसे अन्य लड़कियों में मुझे ढूंढता पाया पर वो मुझे नहीं पहचान सका.

उस रोज मैं सहम गयी और मैंने अपने होस्टल प्रबन्धक को सारी बातें बताई तो उन्होंने 7-8 पुलिस वालों को बुलाया और जब उस लड़के ने पुलिस वाले को देखा तो वो बहादुर मर्द जिहादी (!) भाग खड़ा हुआ. इसके बाद हमने आस-पास के लोगों से उसके बारे में पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि ये लड़का एक ओर लड़के के साथ था और लोगों से मेरी तस्वीर दिखा मेरे बारे में पूछ रहा था, मेरी तस्वीर भी उसे मेरी सहेली से मिली थी. इसके बाद मैंने अपने पापा को फ़ोन कर सब बताया और अब मैं सुरक्षित अपने घर में हूँ.

मैं नहीं चाहती कि कोई भी लड़की इन संगठित भेड़ियों के चंगुल में फँसे इसलिए अपनी सहेली का नाम छिपा कर ये वाकया यहाँ लिखा. लव जिहाद वाकई में होता है… लड़कियों को अपनी बातों में फँसा उनके निजी फोटोज़ वगैरह लिए जाते हैं फिर उन्हें किस तरह से धमकाया जाता है, आप लोग समझते ही होंगे.

फिलहाल पुलिस और होस्टल सिक्योरिटी की तरफ से मुझे आश्वस्त किया गया है कि अगर वो लड़का फिर से यहाँ आया तो बच नही पायेगा.

– आनंद राजाध्यक्ष की वाल से रजनीकांत सिंह द्वारा एक अंग्रेज़ी फेसबुक पोस्ट का अनुवाद

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