बेमिसाल है कांग्रेसी निर्लज्जता धूर्तता : भाग-5

इस लेख के साथ दिए जा रहे वीडियो लिंक को ध्यान से सुनिये और जानिए कि…

कांग्रेसी यूपीए की सरकार द्वारा अपने देश की चीनी 12 रूपए 50 पैसे प्रति किलो की दर से विदेशों को बेची जा रही थी, फिर उसी समय ही विदेशों से चीनी 36 रूपए प्रति किलो की दर से खरीदी भी जा रही थी.

इसी के परिणामस्वरूप चीनी मिल मालिकों का मुनाफा अचानक ही 2900% बढ़ गया था.

[बेमिसाल है कांग्रेसी निर्लज्जता धूर्तता : भाग-1]

जब देश में 12 रूपए 50 पैसे प्रति किलो की दर से चीनी उपलब्ध थी तो उसे विदेशों में बेच कर फिर 36 रूपए प्रति किलो की दर से विदेशों से चीनी क्यों खरीदी गयी थी?

उपरोक्त तथ्य किसी चुनावी सभा में वैसी लफ़्फ़ाज़ी की तरह नहीं बताए गए थे जिस तरह की लफ़्फ़ाज़ी के सहारे राहुल गांधी देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ साक्ष्यहीन, तथ्यहीन आरोप लगाया करते हैं.

[बेमिसाल है कांग्रेसी निर्लज्जता धूर्तता : भाग-2]

इसके बजाय उपरोक्त शर्मनाक सच्चाई, लोकसभा के अन्दर जब सुषमा स्वराज ने उजागर की थी तब सोनिया गांधी, शरद पवार, मनमोहन सिंह और राहुल गांधी लटके हुए चेहरों के साथ निरुत्तर होकर सुषमा जी को सुन रहे थे.

राहुल गांधी को देश से बताना चाहिए कि… कांग्रेसी यूपीए की सरकार देश के साथ ऐसी धोखाधड़ी, ऐसा विश्वासघात क्या गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के कहने पर, उनके आदेश पर कर रही थी?

[बेमिसाल है कांग्रेसी निर्लज्जता धूर्तता : भाग-3]

इसी तरह कांग्रेसी यूपीए की सरकार जब अपने देश के किसानों से बढ़िया गेंहूं 8 रूपए 50 पैसे प्रति किलो की दर से खरीद कर उसे विदेशों को 12 रूपए 50 पैसे की दर से बेचने के बाद, फिर उसी समय विदेशों से लाल गेंहूं 14 रूपए 82 पैसे प्रति किलो की दर से गेंहूं क्यों खरीद रही थी कांग्रेसी यूपीए की सरकार?

जब देश में इतना गेंहूं था कि उसे विदेशों को बेचा जा रहा था तो उस गेंहूं को सस्ते दाम पर विदेशों में बेच कर फिर उसी समय विदेशों से महंगे दाम पर क्यों खरीदा जा रहा था?

[बेमिसाल है कांग्रेसी निर्लज्जता धूर्तता : भाग-4]

राहुल गांधी को आज देश से बताना चाहिए कि… कांग्रेसी यूपीए की सरकार देश के साथ ऐसी धोखाधड़ी, किसानों के साथ ऐसा विश्वासघात क्या गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के कहने पर, उनके आदेश पर कर रही थी?

यह सवाल बता रहे हैं कि भ्रष्टाचार का प्रतीक और पुतला कांग्रेसी यूपीए सरकार थी, ना कि वर्तमान मोदी सरकार है?

अतः देश को आज किसी राहुल गांधी के किसी कांग्रेसी सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है.

अतः उपरोक्त तथ्यों को पढ़ने जानने के बाद अब यह फैसला आप करें कि कांग्रेसी निर्लज्जता धूर्तता बेमिसाल है या नहीं?

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