मामाओं के लुटेरे दामाद

देश के कर-दाताओं के रुपयों को लुटाती आयी सरकारों के पाप धोने के क्रम में लगातार खुलते बैंकिंग एनपीए का सफर जारी है.

असली एनपीए 82 – फर्जी एनपीए 36 = लुटेरों का उजागर होना जारी है.

पीएनबी फर्जीवाड़े में मोदी सरनेम लेकर उड़ने वाले नारेबाज़ों को न कुछ मिलना था, न मिला. लेकिन नीरव, रोटोमेक के राहुल लूट के बाद तीसरे बड़े पोलखोल में 110 करोड़ रुपये के चोट्टे… पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर के दामाद जी धराये हैं.

सिंभावली शुगर मिल-हापुड़, के डॉयरेक्टर और दामाद जी गुरपाल सिंह सहित 11 के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई.

चीनी मिल ने 2012 में 5700 गन्ना किसानों को पैसे देने के नाम पर ओरिएंटल बैंक से 150 करोड़ रुपये का लोन लिया, लेकिन इस पैसे को किसानों को देने की बज़ाय निजी इस्तेमाल में ख़र्च किया.

फिर मार्च 2015 में ये लोन एनपीए में बदल गया. उसके बाद भी बैंक ने इस मिल को 109 करोड़ का कॉरपोरेट लोन भी मंज़ूर कर दिया, जो पिछला बक़ाया चुकाने के लिए लिया गया.

बाद में लोन की ये रक़म भी एनपीए में बदल गई और अब एनपीए पोलखोल अभियान के तहत यह तीसरी लूट खोली गई है.

यूपीए सरकार के दिए फर्जी 36% एनपीए के सामने प्रधानमंत्री के संसद में रिकार्डेड भाषण में घोषित 82% एनपीए के बीच के लुटेरों के पकड़े जाने का क्रम जारी है, जनता के रुपये वसूलने के क्रम यूं ही चलता रहने वाला है.

उम्मीद है कि मोदी सरनेम से ही राजनैतिक-वैचारिक चरमोत्कर्ष हासिल करने के शौकीन गिरोहों के मामा जी लोग अब यह कमसिन रिश्ता जरूर जोड़ेंगे.

कांग्रेस सहित गिरोहबाजों को देश को बताना ही होगा कि एनपीए के आंकड़ों के साथ फर्जीपना करके देश के साथ यह महा-फ्रॉड क्यों और किन्हें बचाने के लिए किया गया ?

क्यों मामाओं! कांग्रेस से पूछेंगे न! कि एनपीए 36 प्रतिशत या 82 प्रतिशत?

Comments

comments

loading...

LEAVE A REPLY