हवाई जहाज़ में चढ़ने से पहले अब स्पोकन इंग्लिश की ट्यूशन लें क्या?

पता नहीं क्यों, एयरपोर्ट और रेस्टॉरेंट्स, दो ऐसी जगह है जहाँ अंग्रेज़ी का तूफान आया हुआ है.

छोटे से छोटे रेस्टॉरेंट्स में चाहे पीने का पानी एक साफ गिलास में ना मिले, वेटर आपसे इन्ग्रेज्जि ही बोलेगा.

और फ्लाइट में तो पूछिये ही मत. आप हिंदी बोलते रहें, बंदी अंग्रेज़ी बोलती रहेगी.

जेट एयरवेज़ की फ्लाइट में एयर होस्टेस ने पूछा, व्हाट विल यू हैव सर?

और मैंने पूछा – एक गिलास पानी मिलेगा?

वो बोलती है – यू मीन वॉटर?

मैंने कहा – हाँ, अंग्रेज़ी में शायद वाट्टर ही बोलते हैं…

खैर, इंटरनेशनल फ्लाइट का लॉजिक तो समझ में आता है. डोमेस्टिक फ्लाइट में इतना काहे अंग्रेज़ियाती हो यार?

आज के दिन फ्लाइट में 80-90% ट्रैफिक मध्यम वर्ग का ही है. जो कल तक ट्रेन में रिजर्वेशन लेकर चलते थे वही क्लास आज फ्लाइट में चल रहा है.

विस्तारा एयरलाइन्स की फ्लाइट है. राँची जा रही है. 90% लोग झारखंडी हैं. शक्ल सूरत, वेशभूषा, चाल-ढाल सब में… हमें तो बख्श दो यार…

क्या तेरी फ्लाइट ज़्यादा तेज उड़ने लगेगी, कि इसकी सीट चौड़ी हो जाएगी, या तेरी कॉफ़ी ज्यादा मीठी हो जाएगी तेरे अंग्रेज़ी बोलने से?

तेरे को समझ में नहीं आ रहा, वो प्रौढ़ महिला खाली मुस्करा मुस्करा के मुंडी हिला रही है, तेरी अंग्रेज़ी की बारिश उसपर भारी पड़ रही है…

मैंने एक सुंदर बाला को बुला के पूछा – काहे मैडम, कोई मजबूरी है का, कि आप जब बोलेंगी तो अंग्रेज़ी ही बोलेंगी.

तो उसने बताया – नहीं सर, मगर हमारी पॉलिसी है, हम कन्वर्सेशन इंग्लिश में शुरू करते हैं… अगर सामने वाला कहे कि उसे अंग्रेज़ी नहीं आती तो फिर हिंदी में बोलते हैं.

मैंने पूछा – इसका उल्टा क्यों नहीं करते? इसके कितने चान्सेज़ हैं कि आपको इस फ्लाइट में एक व्यक्ति मिलेगा जिसे हिंदी नहीं आती, और कितने ऐसे मिलेंगे जो अंग्रेज़ी में कम्फ़र्टेबल ना हों?

मैंने उससे फीडबैक फॉर्म माँगा, और एक लंबा फ़र्रा अंग्रेज़ी में लिख मारा – कि भाई, का चाहते हो? कि हवाई जहाज में चढ़ने से पहले और रेस्टॉरेंट में खाने से पहले आदमी स्पोकन इंग्लिश की ट्यूशन ले क्या?

पिछली पीढ़ी में धर्म पर हमला हुआ. हिन्दू होने को मुख्य धारा से बाहर कर दिया गया. हिन्दू होना या बने रहना कठिन हो गया.

पिछले कुछ वर्षों में भाषा पर हमला किया गया है… कुछ दिनों में हिंदी बोलना कठिन हो जाएगा… आप बिना बेइज्ज़त हुए हिंदी में बात नहीं कर पाएंगे.

जब भी फ्लाइट से चलें तो आग्रह से हिंदी में बोलें… फ्लाइट अटेंडेंट को हिंदी बोलने पर बाध्य करें. समय निकाल कर यह फीडबैक फॉर्म मांगें और भरें. और जवाब ना मिलने पर या कमजोर जवाब मिलने पर फॉलो-अप करें…

लोग थोड़ा झक्की और झंझटिया समझेंगे ना… समझने दीजिये… पर अगर महीने में सौ लोगों ने फीडबैक भेजा ना, तो कुछ तो फर्क पड़ेगा…

 

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