मेरे नेता के गुण तो मैं जानता हूँ, पर विरोधियों आप क्यों हैं अपने नेता के अंधभक्त?

4-5 साल पहले, मेरी छोटी बहन जो दिल्ली में रहती है और राजनीतिक रूप से बहुत जागरूक है, उसने अरविंद केजरीवाल नामक शहरी नक्सलाइट की आहट दिल्ली में सुन ली थी.

ये वो दौर था जब कि अन्ना का आंदोलन लगभग फेल हो चुका था और केजरीवाल ने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया था.

अभी AAP पेट में थी, जन्म नहीं हुआ था…

मेरी बहन से मेरी बात हुई… ये वो दौर था जबकि हम भी केजरू के फैन हुआ करते थे… मैंने बातों बातों में उसे बोला कि केजरीवाल सही आदमी है.

वो चौंक गई… उसका अंदेशा सही निकला कि बहुत से भाजपा-मोदी समर्थक केजरू से प्रभावित हो रहे थे…

बहरहाल हमारा और केजरू का हनीमून जल्दी ही खत्म हो गया… हमने उसे जल्दी ही पहचान लिया…

सवाल ये है कि थोड़े समय के लिए ही सही, हम केजरू भक्त बने… क्यों?

क्या केजरू से मेरा कोई व्यक्तिगत लाभ होने वाला था?

उस से मेरा कोई जात बिरादरी का या प्रांतीय क्षेत्रवादी रिश्ता था?

नहीं… उन दिनों वो मुझे एक ईमानदार, जुझारू आम आदमी लगा जो कि एक भ्रष्ट व्यवस्था से लड़ रहा था. जब केजरू की असलियत सामने आ गयी तो हमने उसे लतिया दिया.

आज मुझसे ज्यादा उसका विरोधी कौन होगा?

लोग मुझे मोदी का अंधभक्त कहते हैं.

मोदी मेरी जात बिरादरी के नहीं हैं. मोदी यूपी के भी नहीं हैं.

मोदी राज में मैं ठेकेदारी भी नहीं कर रहा हूँ. उनके राज में मुझे यश भारती, पद्मश्री या भारत रत्न भी नहीं मिलेगा इतना तय है…

उल्टा कल को कोई सरकार मुझे गाली फक्कड़ देने या किसी मी लॉर्ड के contempt में उठा के अंदर कर दे तो मुझे बिल्कुल आश्चर्य नहीं होगा…

कल को पुलिस मुझे उल्टा टांग दे तो मोदी या अमित शाह मुझे कतई बचाने नही आएंगे बल्कि कहेंगे कि और मारो साले को… बहुते बत्तमीज आदमी है…

सो कहने का मतलब ये कि मैं किसी लालच में या किसी एजेंडा के तहत मोदी भक्त नही हूँ…

मेरा मानना है कि ये आदमी देशभक्त है, पूरी तरह ईमानदार है, राजनैतिक कारणों से (चुनाव जीतने के लिए) कुछ राजनैतिक वैचारिक बेईमानी कर सकता है पर राष्ट्र को धोखा नहीं देगा… देश बेच के नहीं खायेगा… चुनाव जीतेगा तो सत्ता सुख भोगने के लिए नहीं बल्कि राष्ट्र की सेवा के लिए… ऐसा मेरा विश्वास है…

मेरा ये दृढ़ विश्वास है कि आज के समय में यही सबसे उपयुक्त व्यक्ति है जो भारत को विश्वगुरु बना सकता है… यही वो व्यक्ति है जो भारत को आर्थिक और सैन्य महाशक्ति बना सकता है, यही वो आदमी है जो हमको तीसरी दुनिया, विकासशील देश से एक विकसित देश बना सकता है.

यही वो आदमी है जो आने वाले समय मे भारत को एक स्वस्थ, सुंदर (कूड़ा, मल मूत्र विहीन) देश बना सकता है. यही वो व्यक्ति है जो पूरी तरह ईमानदार है और आगे भी ईमानदार रहेगा.

मैं खुद को इस देश के एक सैनिक के रूप में देखता हूँ और मोदी जी को अपनी इस फौज का कमांडर, और एक सैनिक का ये कर्तव्य है कि वो अपने कमांडर में पूर्ण आस्था विश्वास रखे… पूर्ण यानी 100%… 99% नहीं.. here is nothing like 99% faith… इसलिए मैं मोदी जी में 100% आस्था रखता हूँ.

आप मुझे अंधभक्त कहें ये आपकी choice है.

सवाल अंधभक्त कांग्रेसियों, सपोलों, सरपंडों, आपियों अपोलों, बसपोलों भीमटों से है… आप अपने नेता के अंधभक्त क्यों हैं? उनमें कौन से ऐसे गुण हैं?

ईमानदारी? देशभक्ति? देशवासियों की सेवा हेतु प्रतिबद्ध हैं वो???

उनमें ऐसा कौन सा गुण है जो आपको उनका भक्त बनाता है???

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