कांग्रेस ने देश की लोकतांत्रिक संस्कृति को नष्ट किया : पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उस पर देश की लोकतांत्रिक संस्‍कृति को नष्ट करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस जब केंद्र में सत्ता में थी तो उसने धारा 356 का इस्तेमाल करते हुए 93 बार राज्यों की निर्वाचित सरकारों को हटाया.

श्री मोदी ने संसद के संयुक्‍त सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा में ध्‍यानाकर्षण प्रस्‍ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस को लोकतंत्र की बात करना शोभा नहीं देता.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला जारी रखते हुए उस पर देश का विभाजन करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि अगर सरदार पटेल देश के पहले प्रधानमंत्री बने होते तो समूचा जम्मू-कश्मीर भारत का होता.

कांग्रेस और वाम दलों के भारी शोरशराबे और नारेबाजी के बीच देश में लोकतंत्र स्थापित करने के कांग्रेस के दावे को पूरी तरह गलत ठहराते हुए श्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने देशहित में नहीं बल्कि राजनीतिक स्वार्थ और एक परिवार को ध्यान में रखकर फैसले किये जिनका खामियाजा देश आज तक भुगत रहा है.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह अहंकार है कि देश काे लोकतंत्र प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू आैर उसने दिया है जबकि वास्तविकता यह है कि भारत में लोकतंत्र हजारों साल से है. सदन में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन के कल के भाषण के संदर्भ में उन्होंने कहा ,‘कांग्रस हमें लोकतंत्र का पाठ न पढ़ाये.

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्य है कि कांग्रेस नेताओं को लगता है कि भारत का जन्म 15 अगस्त 1947 को हुआ और लोकतंत्र आया. उन्होंने कहा कि लिच्छवी साम्राज्य और बौद्धकाल में भी लोकतंत्र की गूंज थी.

उन्होंने मल्लिकार्जुन खड़गे को याद दिलाया उनके गृह राज्य कर्नाटक से ताल्लुक रखने वाले जगतगुरू विश्वेश्वर ने 12वीं शताब्दी में ऐसी व्यवस्था की थी जिनमें सबकुछ लोकतांत्रिक ढंग से होता था और महिलाओं की सदस्यता भी अनिवार्य थी. ढाई हजार वर्ष पहले गणराज्य की व्यवस्था थी जिसमें सहमति और असहमति का सम्मान होता था. इस तरह लोकतंत्र हमारी रगों और परंपराओं में है.

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