अनुमानों की धज्जियां उड़ा गया बजट

जब से होश सम्भाला और राजनीति को गम्भीरता से देखना सुनना प्रारम्भ किया तब से अब तक यही देखता चला आया हूं कि चुनाव से पहले के, अपनी सरकार के कार्यकाल के अन्तिम बजट में सरकारें निर्द्वन्द होकर सरकारी खैरात बांटती रही हैं.

देश की आर्थिक स्थिति, सरकारी कोषागार की सेहत सरीखे महत्वपूर्ण तथ्यों को चुनावी रणनीति वाले लोकलुभावन ‘खैराती वायदों’ के हवन कुण्ड में निस्संकोच स्वाहा किया जाता था.

अतः मोदी सरकार से भी मुझे कुछ ऐसी ही उम्मीद थी. लेकिन ऐसा कुछ नहीं किया गया.

इस पर क्रोध और मातम किया जाए या खुश और सन्तुष्ट हुआ जाए?

इस सवाल का जवाब आप स्वयं सोचिये, स्वयं खोजिए.

हालांकि आधारभूत ढांचे और कृषि व्यवस्था के चरित्र-चेहरे में सुखद सकारात्मक और बड़े परिवर्तनों के लिए लाखों करोड़ की राशि दी गयी है लेकिन…

मेरे लिए मेरी कसौटी पर यह बजट दो सुखद सूचनाएं मुझे देकर गया.

पहली सूचना देश के गरीब परिवारों के 50 करोड़ सदस्यों लिए 5 लाख रूपए तक की स्वास्थ्य सुरक्षा बीमा योजना की है.

कल्पना करिए कि हमारे आपके घरों में काम करनेवाली ‘कामवाली’ बाइयों तथा दैनिक मजदूरी करनेवाले मजदूरों के परिवार ने यह कल्पना भी नहीं की होगी कि परिवार के किसी सदस्य की गम्भीर बीमारी के इलाज में वह 5 लाख रूपए तक कभी खर्च कर सकेगा.

ध्यान रहे कि इस आर्थिक सीमा में वह किसान भी लाभान्वित होंगे जिन पर इस बजट में हुई सौगातों की बौछार भी हुई है.

समाज के सबसे गरीब/ पिछड़े/ दबे-कुचले वर्ग के लिए प्रधानमंत्री जीवन सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के बाद यह स्वास्थ्य सुरक्षा बीमा योजना एक ऐसा ऐतिहासिक उपहार है जो आज़ादी मिलने के बाद इस वर्ग को सबसे पहले दे दिया जाना चाहिए था.

पैसों के कमी से इलाज के अभाव में किसी गरीब को दम तोड़ते हुए तथा उसकी मौत के बाद घर में भुखमरी का अंधेरा छाते हुए जिन्होंने देखा है वो सम्भवतः मेरी बात के मर्म को समझेंगे.

दूसरी सूचना यह है कि सम्भवतः पहली बार देश की कमान एक ऐसे व्यक्ति के पास है जो अपनी चुनावी हार-जीत का जोखिम उठाने को तो तैयार है लेकिन देश की आर्थिक स्थिति से खिलवाड़ करने को तैयार नहीं है.

अंत में मोदी जी, आप इनकम टैक्स की सीमा 2.5 लाख से बढ़ाकर यदि 3 लाख कर देते तो एक ऐसे वर्ग को ढाई हज़ार रूपए प्रतिवर्ष का लाभ मिल जाता, जो अब ढाई हज़ार रूपए साल अर्थात लगभग 208 रूपए 33 पैसे प्रतिमाह का वो लाभ नहीं मिलने पर आपकी और आपके इस बजट की ऐसी-तैसी करने में एड़ी चोटी का जोर लगा देगा, कोई कसर बाकी नहीं रखेगा.

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