पिट्ठा : पूस मास का मुख्य व्यंजन

हालांकि सर्दियों भर इसके स्वाद का आनंद लिया जा सकता है. पिट्ठा/फरा/बगिया/गोझा कई नामों से जाने जाने यह व्यंजन लगभग सम्पूर्ण पूर्वांचल का पारम्परिक भोजन है.

सामग्री

अरवा चावल का आटा – 1 किलो

चना दाल – 500 ग्राम

लहसुन – एक गांठ/ पोट

हरी मिर्च – स्वादानुसार

काली मिर्च – 10 से 15 दाने

गुड़ – 250 ग्राम

मूंगफली/ तीसी (अलसी)/ पोस्तादाना (खसखस) – 250 ग्राम

पाक विधि

चावल के आटे को गर्म पानी से सान/गूंथ लेना है.

नमकीन पिट्ठा के लिए

चना दाल को रात भर भिगो के पीस लेना है. ध्यान रहे कि यह पेस्ट कम पानी के साथ ही पिसा जाएगा ताकि ज्यादा गीला न होने पाए.

इस पेस्ट में लहसुन, हरी मिर्च का पेस्ट मिला कर गर्म कड़ाही में बिना तेल घी के थोड़ा भून लेना है.

मीठा पिट्ठा के लिए

पिट्ठा में मीठा भरावन के रूप में मुख्यतः गुड़ और उसके साथ उपरोक्त लिखित कई अलग-अलग चीजों का उपयोग होता है.

तीसी, मूंगफली और पोस्तादाना को हल्का भून कर पीस लिया जाता है. और गुड़ मिलाकर भरावन तैयार कर लिया जाता है.

साने गए चावल के आटे की लोइयां काट कर भरावन डाल कर हाथों से मनचाहे आकार में गढ़ लेते हैं.

मीठे और नमकीन दोनों की पहचान के लिए अलग अलग आकार देना बहुत सुविधाजनक होता है. मैंने नमकीन को लम्बा और गुझिया की तरह का और मीठे को गोल आकार दिया है.

दूसरी ओर एक भगोने में खौलते पानी में गढ़े गए पिट्ठों को डालकर करीब दस मिनट तक उबाल लेंगे. उसके बाद पिट्ठों को छलनी की सहायता से निकाल लेंगे.

मनपसन्द सब्जी, चटनी के साथ गर्म और ठंडा दोनों ही अलग स्वाद देते हैं.

बासी पिट्ठों के पतले स्लाइस काट कर राई, करी-पत्ता और हरी मिर्च के तड़के के साथ भून कर खाने का भी अलग मज़ा है. यह पौष्टिक स्नैक्स है.

– कल्याणी मंगला गौरी

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