बीडीएस : ये नाम याद रखिये राजनाथ महाराज

9 जुलाई 2005 को एक आंदोलन की शुरुआत हुई. इसका नाम रखा गया बीडीएस (Boycott, Divestment and Sanctions Movement). बीडीएस को इस्राइल के विरुद्ध शुरू किया गया था.

और गहराई में जाएं तो सन 1945 में फिलिस्तीन में यहूदियों के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए ‘यहूदी उत्पाद’ का बहिष्कार शुरू किया जा चुका था.

सन 1948 में इस्राइल की स्थापना के बाद ये बहिष्कार ‘इस्राइली उत्पादों’ के बहिष्कार में बदल गया. उसके बाद बहिष्कार चलता रहा लेकिन इसका कोई नाम नहीं था.

सन 2005 में इस बेनाम आंदोलन को नया नाम मिला ‘बीडीएस’. अब बीडीएस का रूप पहले से व्यापक हो गया है. बीडीएस मूवमेंट अब वैश्विक रूप ले चुका है.

बीडीएस दुनिया भर से इस्राइल पर राजनीतिक और आर्थिक दबाव बनवाता है ताकि फिलिस्तीन से इस्राइल का वर्चस्व समाप्त हो जाए. वह फिलिस्तीनी शरणार्थियों की वापसी के लिए आवाज़ उठा रहा है.

कई राजनीतिक दल दुनिया भर में बीडीएस का समर्थन करते हैं. सन 2015 में इस मूवमेंट ने इस्राइल को आर्थिक मोर्चे पर बड़ी क्षति पहुंचाई थी.

बधाई हो. बीडीएस मूवमेंट अब भारत में भी सक्रिय हो चुका है.

हैदराबाद में गत 13 दिसंबर को फिलिस्तीनी एकता पर एक चर्चा का आयोजन किया गया. ये चर्चा अपूर्व गौतम नाम के शख्स ने आयोजित की थी.

अपूर्व गौतम बीडीएस मूवमेंट के दक्षिण एशिया कोआर्डिनेटर हैं और भारत में इसका काम देख रहे हैं. बॉलीवुड में भी इनके अच्छे खासे ताल्लुकात बन चुके हैं.

हैदराबाद की चर्चा में बहुत से फिलिस्तीनी समर्थक शामिल हुए थे. चर्चा में क्या कहा गया, वह भी जान लीजिये.

‘इस्राइल सुरक्षा से लेकर वॉटर मैनेजमेंट (कृषि) में भारत के साथ बड़ी डील कर रहा है. इस डील से इस्राइल को अपना दमन चक्र चलाने में बड़ी मदद मिलेगी. यही समय है जब हम बीडीएस मूवमेंट को भारत में मजबूत करें. भारत-इस्राइल की इस डील को हमेशा के लिए समाप्त करना ही होगा. इस्राइल को इसकी क़ीमत चुकानी पड़ेगी. हम इस डील को समाप्त करने के लिए आखिर तक लड़ेंगे’.

समझ लीजिये ये बात सीधे तौर पर वह बीडीएस भारत की धरती पर खुल्ल्मखुल्ला कह रहा है, जो इस्राइल के लिए पहले से सिरदर्द बना हुआ है.

अब आते हैं सेल्फी कांड पर. अपूर्व गौतम पर हम फिर लौट आए हैं. अमिताभ बच्चन की सेल्फी पर इसने ताज़ा बयान देते हुए कहा है कि इस्राइल ने ये इवेंट आयोजित करवाया था अपने पैसों पर.

इस ज़हरीले सर्प ने सेल्फी में नज़र आने वाले सितारों की आलोचना करते हुए धमकी दी है कि आने वाले समय में कई फ़िल्मी सितारे इस्राइल के विरुद्ध खुलकर बोलने वाले हैं.

बीडीएस के खाते में नामी हॉलीवुड सितारों से लेकर बॉलीवुड सितारे हैं जो उसे समर्थन दे रहे हैं. उस दिन के सेल्फी में ‘खानों’ का न आना एक सुनियोजित योजना थी.

एक वैश्विक संदेश देने की योजना थी कि भारत का मुस्लिम सितारा वर्ग नेतन्याहू का बहिष्कार करता है. और अब उसने और सितारों के माध्यम से विरोध की धमकी दी है.

अब सेल्फी को ध्यान से देखिये. एक झबरा कोने में छुपने की कोशिश करता हुआ दिखेगा. जबकि इसे तो सबसे आगे होना चाहिए था. इसकी जेब में इस्राइली मुद्रा है. हालाँकि लंबे बच्चन के लंबे हाथों से छुप नहीं सका.

तो भाई कहाँ है देश का मीडिया. क्या अपूर्व गौतम जैसे घातक सर्प को कोई पत्रकार जानता है.

कहाँ गई देश की इंटेलिजेंस. देश के विकास में बाधक बनते ऐसे पिस्सू हैदराबाद में आकर इवेंट करके चले जाते हैं.

बीडीएस, नाम याद रखिये राजनाथ महाराज. ये नाम बड़ा दुःख देगा. ये इवेंट हैदराबाद में लमकान की पहाड़ियों पर ओपन कल्चरल सेंटर पर आयोजित किया गया था. ये पहला क्लू आपको दे रहा हूँ.

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