ये तो संगठित अपराध है, UPCOCA लगा के बंद कीजिए अपराधियों को

जिस खेत मे चूहे ज़्यादा हो जाते हैं उसमें वो पूरा खेत ही खोद डालते हैं.

चूहों का संसार जमीन के नीचे ही होता है. चूहों की पूरी कॉलोनी होती है जमीन के नीचे. चूहे बिलों का पूरा नेटवर्क बनाते हैं ज़मीन के नीचे.

एक कॉलोनी में घुसने और निकल भागने के 36 बिल होते हैं. उसमें मादाओं और नवजात बच्चों के लिए अलग चैम्बर्स होते हैं. अन्न का भंडारण करने के लिए बाकायदे अन्नागार होते हैं.

हमारे मुसहर जब चूहों का शिकार करते हैं तो उनको सिर्फ चूहे नहीं मिलते बल्कि एक एक बिल (colony) में 35 – 40 किलो तक गेहूं मिल जाता है.

खेतों में चूहे फसल को इतना नुकसान पहुंचाते हैं कि कई बार तो आधी से ज़्यादा फसल चट कर जाते हैं.

इसके अलावा चूहों की एक खासियत तो है ही कि वो अपनी जनसंख्या बहुत तेजी से बढ़ाते हैं, एक चुहिया साल में कई बार बियाती है और एक बार में बीसों बच्चे देती है.

Rubbish कुमार पूछते हैं कि क्या हो जाएगा अगर चूहे देश में बहुसंख्यक हो गए तो?

जब चूहे ज़्यादा हो जाते हैं तो क्या नुकसान होता है इसका नज़ारा कल शहर ए बनारस में देखने को मिला…

कल बनारस के SSP साहब अचानक एक बिल में घुस गए. वहां का नज़ारा देख के दंग रह गए…

चूहों ने अपने इलाके में पूरा शहर ही खोद डाला है और 2 लाख वर्ग फुट का एक बहुमंजिला बेसमेंट खोद डाला है… उसके नीचे बड़े बड़े गोदाम और बाकायदे शोरूम बना डाले हैं, बाकायदे सुरंगों का एक जाल बिछाया गया है…

और बिल भी कोई ऐसे वैसे नहीं… पूरा दस चकवा डम्पर ट्रक घुस जाता है, ऐसे बिल बनाये गए हैं.

ये underground शहर घनी शांतिप्रिय आबादी और वाराणसी शहर के अत्यंत घने पुराने शहर के होलसेल बाज़ार के नीचे बनाया गया है…

और चूंकि अवैध तरीके से चोरी छिपे बनाया गया है, जुगाड़ तकनीक से बनाया गया है और इतना बड़ा इतना विशाल है कि पूरे शहर के ही धंस धसक जाने का खतरा पैदा हो गया है.

सरकार और जिला प्रशासन हतप्रभ हैं… शहर भौचक्का है… पिछले कई सालों से ये अवैध गतिविधि चल रही थी और स्थानीय प्रशासन, खुफिया तंत्र, और सरकार बहादुर सोये हुए थे?

हम लोग अक्सर सुनते देखते हैं कि मुम्बई में बहुमंजिला इमारत ढह गई और सैकड़ों लोग दब के मर गए… बिल्डिंग आज बनी तो ज़रूरी नहीं कि कल ही गिर जाएगी… हो सकता है कि 5 – 10 साल बाद गिरे… पर जिस दिन गिरती है, मौत का तांडव होता है.

बनारस में जहां ये कांड हुआ है वहां घनी आबादी है और शहर का थोक बाज़ार है, जहां आसपास के 10 – 20 जिलों से लोग खरीदारी करने आते हैं. एक बार मे लाखों लोग वहां होते हैं…

चूहों ने पूरा शहर खोद डाला है, प्रशासन में हड़कंप मचा है… पूरे शहर के नीचे सुरंगें और बेसमेंट बना दिये गए हैं. शहर कभी भी धसक सकता है, गिर सकता है. लाखों लोगों की जान खतरे में है.

योगी जी, पूरी बेनिया दालमंडी को सील कीजिये और इस अवैध निर्माण को गिरा के शहर को बचाइए.

ये एक संगठित अपराध हुआ है… UPCOCA लगा के बंद कीजिए अपराधियों को.

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