एक पुराना चुटकला, जो इस पूरे साल चलता ही रहेगा

न जाने क्यों मुझे आज एक पुराना चुटकला याद आ रहा है और लगता है कि पूरे 2018 यही चलता रहेगा.

हुआ कुछ यूं कि एक गंभीर सा दिखता हुआ व्यक्ति, सड़क किनारे गम्भीर मुद्रा में एक गड्ढे को टकटकी लगाए देख रहा था और कुछ बड़बड़ा रहा था.

उसी रास्ते से एक माई लॉर्ड अपने तीन साथी माई लॉर्डो के साथ, अपने चैंबर से निकल कर अपनी कुलदेवी से मिलने जा रहे थे.

उन्होंने देखा कि इस सन्नाटे में, एक व्यक्ति नीचे निहार रहा है और कुछ बोल रहा है.

यह देख बड़का माई लॉर्ड को कौतूहल हुआ और साथियों से पूछा कि, क्या ख्याल है यह बंदा क्या कर रहा है?

बड़के लॉर्ड की गाड़ी चलाने वाले टकले ने कहा, माई बाप, क्यों नही आप इस मामले को देखते हैं? यदि मतलब का होगा तो यही काकभूषण से पीआईएल डलवा देंगे और कोर्ट यही बैठवा देंगे.

माई लॉर्डो को टकले की बात जम गई और सोचा धंधा वैसे भी मंदा चल रहा है, क्यों न देख ही लिया जाय, शायद कोई मामला ही जम जाए.

यही सोच कर चारो माई लॉर्ड उस जगह पहुंचे जहां वह व्यक्ति एकटक नीचे देख रहा था. जब वे उसके पास पहुंचे तो देखा वो बंदा ‘भारत का वोटर‘ की टोपी लगाए 39-39-39 बोल रहा है.

बड़के माई लॉर्ड ने कड़कदार आवाज़ में पूछा, यह क्या हो रहा है यह 39-39-39 क्या है?

नीचे देख रहे व्यक्ति ने माई लॉर्डो की बात अनसुनी कर दी और तेजी से 39-39-39 बोलने लगा.

यह देख कर टकले ड्राइवर ने कहा, हजूर माई बाप यह आदमी तो बड़ा ढीठ लगता है, क्यों नहीं आप लोग वही जाकर पड़ताल कर लेते हैं?

चारों माई लॉर्ड, टकले ड्राइवर की बात मान कर उस गिनती करने वाले व्यक्ति के पास पहुंच गये और देखा कि वह एक गड्ढे के अंदर झांक रहा है और 39-39-39 बोल रहा है.

माई लॉर्ड ने उस व्यक्ति को हिलाते हुये पूछा, यह जो गड्ढे में झांक कर 39-39-39 बोल रहे हो यह गैर कानूनी है, विधि सम्मत नहीं है. तुम यदि यह नही बताओगे यह 39-39-39 क्या है तो अभी तुम पर केस चला कर जेल भेज देंगे.

यह सुन कर भी ‘भारत का वोटर‘ की टोपी पहने व्यक्ति ने माई लॉर्डो की बात का जवाब नहीं दिया बल्कि और एकाग्रता से गड्ढे को देख कर 39-39-39 करने लगा.

अब तो माई लॉर्ड चक्कर में आ गये कि यह माजरा क्या है? यह आदमी कोई प्रतिक्रिया क्यों नहीं दे रहा है?

अब चारो माई लॉर्डो से रहा नहीं गया और खुद गड्ढे के पास पहुंच कर अंदर झांकने लगे.

तभी दूर कार के पास बैठे टकले को ताड़! ताड़! ताड़! ताड़! की आवाज़ सुनाई दी और गड्ढे में झांकने वाला व्यक्ति अब 43-43-43 बड़बड़ा रहा था.

खैर आज जो लोग उस सड़क से गुजरे थे वह बता रहे थे हिन्दू हृदय सम्राट, पट्टीदार का स्कार्फ पहने एक सज्जन उस व्यक्ति के पास 43-43-43 बड़बड़ाने का रहस्य जानने गये थे और तब से वो व्यक्ति 44 44 44 बड़बड़ा रहा है.

मुझे लगता है कि आने वाले समय मे 45, 46, 47… 61, 62…. की गिनती बढ़ती ही रहेगी. खैर मुझे क्या, मुझे गिनती के रहस्य को जानने की कोई उत्सुकता नहीं है.

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