घोघाबापा का प्रेत – 14

गतांक से आगे… वन में अग्निदहन से जो कुछ खाद्य सामग्री इत्यादि बच गई थी, उसको बचाने की कोशिश करते हुए डरी सहमी यवन सेना ने मैदान में पड़ाव डाला. इतने में सूर्योदय हो ही चुका था. घायलों का उपचार इत्यादि शुरू कर दिया गया. महमूद पहले से ही घायल था. अग्निकाण्ड का और बुरा … Continue reading घोघाबापा का प्रेत – 14