नर्मदा परिक्रमा के बाद एक और यात्रा की तैयारी में दिग्विजय, पक्ष-विपक्ष में खलबली

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह अपनी नर्मदा परिक्रमा को पूरी करने के बाद एक नई यात्रा के ऐलान की तैयारी में जुट गए हैं.

इस यात्रा का मंतव्य प्रदेश के उन इलाकों में जीवन्त संपर्क होगा जहां परिक्रमा के दौरान वे नहीं पहुंच पाये हैं. इस यात्रा में उनके साथ उनकी धर्मपत्नी अमृता सिंह संभवतः नहीं होंगी.

14 वर्ष बाद मध्यप्रदेश में आध्यात्मिक दृष्टिकोण से सक्रिय हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव दिग्विजयसिंह अपनी नर्मदा परिक्रमा को पूर्ण करने के पश्चात अपने गृह प्रदेश के उन जिलों, तहसीलों या ब्लॉकों में जाने की तैयारी कर रहे हैं जहां वह परिक्रमा के दौरान नहीं पहुंच पाए हैं.

सूत्र बताते हैं कि उनके खास सिपहसालारों और राजनैतिक पण्डितों ने उनकी इस मंशा पर अपनी सहमति देते हुए तैयारी शुरू कर दी हैं. आगामी यात्रा की तैयारी दिग्विजय सिंह को खरी-खरी सुना देने वाले कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के पास हैं.

राजनैतिक विश्लेषकों की मानें तो दिग्विजय की यह नई यात्रा ना आध्यात्मिक है और न राजनैतिक है और न दिग्विजय सिंह की चुनाव लड़ने की मंशा है, तो फिर इस यात्रा के मायने क्या होंगे…? इस पर कांग्रेस और भाजपा में मंथन शुरू जो गया है.

भाजपा के कई राजनैतिक सलाहकार इस यात्रा की भनक मिलने के बाद से बैचेन और हैरान हैं. मज़े की बात यह है कि दिग्विजय सिंह के अलावा उनके 4-5 सिपहसालारों के बाद किसी को नहीं पता है कि इस नई यात्रा का नाम क्या होगा.

जब इस बारे में दिग्विजय सिंह से पूछना चाहा तो उन्होंने कहा कि अभी बहुत जल्दी होगा, जैसा मेरे साथी चाहेंगे एवं पार्टी का जैसा आदेश होगा उस लिहाज से आगे की रणनीति तय की जायेगी.

सूत्र बताते हैं कि दिग्विजय सिंह की सीधे तौर पर राजनीतिक तो नहीं, लेकिन जनता से जुड़ाव की यह यात्रा भाजपा को और उनके पण्डितों के लिए सिरदर्द साबित हो सकती हैं.

ऐसा माना जाता है कि इस यात्रा के दौरान दिग्विजय जिस तरह परिक्रमा के दौरान प्रदेश को बारीकी से जानने और समझने की दृष्टिकोण से निकले हैं, ठीक उसी तर्ज पर उनकी आगामी यात्रा प्रदेश कांग्रेस के लिए मुफीद साबित होगी.

उनके एक खास सिपहसालार जो इस समय परिक्रमा यात्रा में व्यवस्थाओं का मुआयना, निर्देशन कर रहे हैं, से जब पूछा कि यात्रा कब और कहां से प्रारंभ होगी तो उन्होंने बड़े ही बेबाकी से कहा हमारे नेता प्रदेश के हैं उन्हें यात्रा की क्या आवश्यकता है? अगर उनका आदेश होगा तो यात्रा का कार्यक्रम बनेगा.

प्रतिप्रश्न में उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह ने मंशा ज़ाहिर की है कि प्रदेश के अन्य जिलों में भी जाकर आमजन से मिलना चाहिए इसको अगर राजनैतिक यात्रा का नाम दिया जा रहा हैं तो यह विरोधियों का नज़रिया हैं. हमारे नेता का जीवन्त संपर्क प्रदेश की जनता से रहा हैं और हमेशा रहेगा.

सूत्र बताते हैं कि मार्च या अप्रैल में नर्मदा परिक्रमा नरसिंहपुर जिले के बरमान खुर्द के दक्षिण तट पर समाप्त होगी और ऐसा माना जाता है कि वहां पर नर्मदा पथिक दम्पतियों का स्वागत-वंदन और अभिनंदन ज़ोरदार होगा.

बहरहाल दिग्विजय की इस नई यात्रा में भाजपा के साथ-साथ उनकी ही पार्टी के कई विरोधी नेताओं के होश फाख्ता हो जाएंगे. एक अन्य समर्थक नेता ने कहा कि 14 वर्ष के बाद अगर हमारा नेता प्रदेश में सक्रिय हुआ है तो लोगों के पेट में दर्द क्यों हो रहा है? वह अपनी यात्रा कहीं से भी कभी भी शुरू कर सकते हैं यह उनका निजी अधिकार है.

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