नए वर्ष की डायरी से : मैं और मेरी किताबें अक्सर ये बातें करते हैं

नहीं जानता कौन मनुज आया बनकर पीनेवाला कौन अपरिचित उस साकी से जिसने दूध पिला पाला जीवन पाकर मानव पीकर मस्त रहे इस कारण ही जग में आकर सबसे पहले पाई उसने मधुशाला – हरिवंश राय बच्चन जीवन को अपनी पूरी उन्मुक्तता से वही इंसान जी सकता है, जो उसके रहस्यों को जानता हो या … Continue reading नए वर्ष की डायरी से : मैं और मेरी किताबें अक्सर ये बातें करते हैं