यह शहर मरने वाला है

मैं एक मरते हुए शहर के भीतर हूँ
उसकी कुछ कहती लड़खड़ाती आवाज की तरह
बूढा चुकी कुछ अंतिम कोशिकाओं का इच्छा-भार समेटे हुए.

इस मरते हुए शहर में यदि आपका स्वागत एक उबा हुआ रेलवे प्लेटफॉर्म करें तो कदापि शंका मत करना,
इसके भीतर रात जितनी गहरी एक झील है.
हर सुबह अपने मौसम की एक आंख खोलती हुई.

दबा हुआ एक बूढा पार्क है
खुद के जंगली होने से बचने की लड़ाई में उलझा हुआ.

कुछ चौदह मुहल्ले है
और अपनी जमा इंसानी आबादी के एक तिहाई कुत्ते हैं
जो पूरी रात इस शहर के मौन को अपने दांतों से भभोड़ते हैं.

कुछ कमीने भी हैं
पर यह उनकी चर्चा का वक्त नहीं है वह चुनावों के समय याद करने वाली एक रस्मी कवायद है.

एक महाचुप्पा निगम कार्यालय है
बेहद अनुत्पादक और अझेल
पर फिर भी, एक वही है
जो उस मर रहे शहर के भीतर पुनर्जीवन का ढोल पीट रहा है.

इस शहर के रहने वालों में चर्चा जोर पर है.
कि यह मरने वाला है
कुछ बूढ़े तो यकीन ही कर चुके हैं.
जिनकी आंखों में कभी जिंदा रहे एक शहर की शवयात्रा लगातार इधर-उधर भटक रही है.

एक नदी ही है. जिसके पास इस शहर का कुछ जिंदा सामान जमा है.

पर यह दिक्कत है कि वह एक बरसाती नदी है
जो पिछले दो साल से नहीं आई है
और सात बार रास्ता भटक चुकी है.

मैं उस मरते हुए शहर की देह में एक और शहर बोना चाहता हूँ
एक कस्बे की शक्ल में, या एक मुहल्ला, या एक पुराने मकान की तरह
या उस एक व्यक्ति के जैसा यहाँ एक बीज छोड़ना चाहता हूँ
सड़क से गुजरते हुए जिसकी नाक पर कपड़ा न हो
जो इस शहर को मछली की आंख से देखता हो.

जो जानता हो,
कि सुबह-सुबह एक व्यक्ति की तरह न जाग कर, कैसे एक शहर की तरह जागना चाहिए.
और जिसे आता हो खड़े रोंगटो वाली एक हरी-भरी अंगड़ाई लेना.

जो एक मुक्के से तोड़ दे
शहर की त्वचा पर जमे उस अनाधिकृत कर्फ्यू का मुँह
जिसने अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर
एक देश का जायका बिगाड़ दिया है.

इस शहर को चाहिए बीज की तरह ‘उत्पादक आशाओं’ से भरा एक आदमी.

बनिस्बत, बीस लाख की नकारा आबादी के
जो कभी-कभी रेलवे स्टेशन जाएं
और बस यूं ही खड़ा हो जाये एक शहर की तरह
अभिवादन में हाथ जोड़े हुए.

जो मुझे खींच निकाले इस मरते हुए शहर की देह से
खड़ा कर दे किसी चल-फिर रही सड़क पर
और बना दें जिंदा होते शहर की सबसे ताजा खबर

जिसे पता हो ‘क से सिर्फ कविता’ ही नही, कानपुर भी होता है!

वह जब बोले तो लगे कि एक आदमी नहीं
एक शहर अपनी भाषा में बड़बड़ाया है.

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