हर महीने एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ाने का फैसला वापस

नई दिल्ली. सरकार ने हर महीने एलपीजी सिलेंडर के दाम 4 रुपए बढ़ाने के फैसले को वापस ले लिया है. यह कदम इसलिए उठाया गया है कि हर महीने रसोई गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाना सरकार की गरीबों को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराने की उज्जवला योजना के उलट बैठता है.

इससे पहले सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की सभी पेट्रोलियम विपणन कंपनियों को जून, 2016 से एलपीजी सिलेंडर कीमतों में हर महीने चार रुपये की बढ़ोतरी का निर्देश दिया था. इसके पीछे मकसद एलपीजी पर दी जाने वाली सब्सिडी को अंतत: समाप्त करना था.

इसके चलते सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां बीते 17 महीने में रसोई गैस सिलेंडर के दाम 19 किस्तों में 76.5 रुपए बढ़ा चुकी हैं.

देश भर में करीब 18.11 करोड़ एलपीजी उपभोक्ता हैं जो सब्सिडी वाला सिलेंडर लेते हैं. इनमें 3 करोड़ गरीब महिलाएं भी शामिल हैं, जिनको उज्जवला स्कीम के तहत मुफ्त कनेक्शन दिया गया था. इसके अलावा 2.66 करोड़ उपभोक्ता ऐसे हैं जिन्होंने अपनी सब्सिडी को छोड़ दिया है.

सार्वजनिक क्षेत्र की इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम व हिंदुस्तान पेट्रोलियम पिछले साल जुलाई से ही एलपीजी के दाम हर महीने पहली तारीख को बढ़ाती आ रही है ताकि इस पर देय सरकारी सब्सिडी को 2018 तक समाप्त किया जा सके.

इससे पहले एक नवंबर को सब्सिडी वाली एलपीजी के दाम 4.50 रुपए प्रति सिलेंडर बढ़ाकर 495.69 रुपए किया था. सरकार ने पिछले साल सार्वजनिक तेल कंपनियों से कहा था कि वह हर महीने कीमत बढ़ाएं ताकि पूरी सब्सिडी को मार्च 2018 तक समाप्त किया जा सके.

गौरतलब है कि 1 अक्टूबर से तेल मार्केटिंग कंपनियों ने एलपीजी का दाम नहीं बढ़ाया है. हालांकि मार्च 2018 तक सब्सिडी खत्म करने के लिए सरकार और कंपनियां अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रही हैं.

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