ठण्ड में अवश्य खाएं हल्दी की सब्ज़ी

मेरे मायके में ये सब्जी नहीं बनती है, और मुझे लगता है गुजरात के ज्यादातर हिस्से में हल्दी को बतौर सलाद या अचार ही प्रयोग में लिया जाता है.

अपनी शादी के बाद जब यहां (जोधपुर) आकर प्रथम बार जब ये सब्जी खायी तब पता चला कि हल्दी को बतौर मसाला ही नहीं बल्कि बतौर सब्जी भी काम में लिया जाता है.

हमारे परिवार में हल्दी की सब्जी जब-जब बनती है उत्सव सा वातावरण बन जाता है क्योंकि हम पूरे परिवार वाले साथ मिलकर इस सब्जी को बनाने की तैयारी करते हैं.. क्या बड़े, क्या बच्चे!

और अब कहानी में ट्विस्ट ये है कि इसे हमारे आदरणीय बड़े भाई साहब (जेठ जी) पारंपरिक तरीके से खुद बनाते हैं.

उनके हाथों से बनी हल्दी की सब्जी खाने का अपना आनंद है और सब्ज़ी बनाते हुए भाई साहब की असिस्टेंट बनने खुशी तो पूछिए ही मत.

हांलांकि, अब मैं अपनी सुविधानुसार इसे खुद भी बना लेती हूं. आज जो रेसिपी लाई हूं वो मेरी वाली हल्दी की सब्जी की है जिसे मैंने भाई साहब की हल्दी की सब्जी की तरह बनाने की कोशिश की है.

सामग्री

हल्दी : 250 ग्राम
घी : 500 ग्राम
दही : 1 किलो (दही गाढ़ा जमा हुआ हो और खट्टा न हो)
लहसुन : 50 ग्राम
अदरक : 50 ग्राम
हरा धनिया : 50 ग्राम
दो तीन हरी मिर्च
काजू : 50 ग्राम
साबुत ख़डे मसाले: 20 ग्राम
प्याज : 250 ग्राम (एक दो प्याज बढ़ा भी सकते हैं)
टमाटर: दो नग (ऐच्छिक)
मटर : एक कटोरी (ऐच्छिक)
नमक, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर जरूरत के अनुसार से.

विधि

सारी सब्जियों को धो, छीलकर साफ़ कर लें.

हल्दी को कद्दूकस कर लें.
प्याज़ को गोल छल्लों में काट लें.

अदरक-लहसुन, हरी मिर्च का पेस्ट बना लें.

सबसे पहले कड़ाही में घी डालकर गरम करें और उसमें कसी हुई हल्दी को डिपफ्राई कर के एक बर्तन में निकाल लें. अब उसी घी में गोल कटे प्याज भी तल कर निकाल लें.

तलते समय ध्यान रखें कि सब्जियां जले नहीं.

बचे हुए घी में खड़े मसाले चटकाए. (तेजपत्ता, कालीमिर्च, लौंग, दालचीनी आदि..)

जब तक मसाले चटकें, दही में नमक, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर मिलाकर अच्छे से मिक्स कर लें.

मसाले चटक जाएं तब अदरक-लहसुन हरी मिर्च का पेस्ट मिलाकर खूब अच्छी तरह पका लें. लगातार चम्मच चलाते हुए पकाएं. जब आपको लगने लगें कि लहसुन अदरक का कच्चापन खत्म हो गया है तब मसाले मिलाकर रखा हुआ दही मिला लें.

अब इस दही की ग्रेवी को लगातार चम्मच चलाते हुए पकाएं.जब तक कि दही का अतिरिक्त पानी सुख न जाए. ग्रेवी तैयार होने में लगभग 35 से 40 मिनट का समय लगता है. धैर्य की आवश्यकता होगी यहां पर.

जब ये लगने लगें कि अतिरिक्त पानी सुख गया है और घी ने पूरी तरह ग्रेवी को ढंक लिया है, तल कर रखी हुईं हल्दी और प्याज मिला लें. अगर मटर डाल रहे हैं तो वह भी मिला लें. काजू भी इसी समय पर डाल लें.

अच्छी तरह से मिक्स करें और आंच कम कर के 10 से 15 मिनट और पकने दें.

बीच-बीच में चैक करते रहें और चम्मच चलाते रहें अन्यथा सब्जी तले में चिपक कर जल सकती है.

आखिर में हरा धनिया मिलाकर आंच बंद कर दें.

तो…. तैयार है हल्दी की सब्जी.

इसे बाजरे की रोटी या गेहूं की रोटी के साथ परोसें.

रोटी पर घी न लगाएं क्योंकि अगले कुछ दिनों तक आप इतने सारे घी में पकी सब्जी खाने के लिए खुद को कोसने वाले हैं. तब यह बिना घी की रोटी ढ़ाढस बंधाएगी सरकार.

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