क्यों अगले दो कार्यकाल सत्ता में बने रहना चाहते हैं मोदी

अपने चुनाव क्षेत्र को आप कैसे पोसते पालते पल्लवित पुष्पित करते हैं… मैंने ऐसे बहुत से राजनेताओं को देखा है कि वो चुनाव भर अपने चुनाव क्षेत्र में पैर भी नहीं रखते. बहुत हुआ तो वोटिंग से पहले एकाध कोई दौरा कर आये.

गुजरात में मोदी जी ने क्या नहीं किया… क्या क्या नहीं किया??? कितना कुछ किया… कितना विकास किया…

जो अहमदाबाद शहर 2002 में 8 से 12 घंटे का power cut झेलता था उसी गुजरात में आज 3 अलग फीडर्स से 24×7 बिजली दी जाती है, वो भी पूरी 220 volt…

आज गुजरात की सड़कें देख लीजिए, नर्मदा के पानी की नहरें और पाइप लाइन देख लीजिये, किसानों के लिए बनाए गए 6,50,000 चेक डैम देख लीजिए जिन्होंने सूखे शुष्क गुजरात में कृषि की विकास दर को पिछले 10 साल से लगातार दो अंकों में रखा जबकि राष्ट्रीय औसत 3% है…

ग्रामीण विकास के नए आयाम अर्जित किये… इसके बावजूद मोदी जी को गुजरात को समझाने बुझाने मनाने में 15 दिन में 50 से अधिक चुनावी सभाएं करनी पड़ी और वोट के लिए रोना गिड़गिड़ाना पड़ा?

इमोशनल कार्ड खेलना पड़ा?? हिन्दू कार्ड खेलना पड़ा??? बहुत हद तक प्रधान मंत्री पद की गरिमा के नीचे जा के भाजपा को जिताने के लिए वोट मांगने पड़े???

आखिर ऐसा क्यों? क्यों किया ये सब मोदी ने? सत्ता के लिए? Power के लिए? लंबे समय तक सत्ता में बने रहने के लिए? या फिर राष्ट्रप्रेम के वशीभूत हो?

मोदी किसी भी तरह अगले दो कार्यकाल सत्ता में बने रहना चाहेंगे… जिस से कि वो अपने विकास के एजेंडा को सफलता के मुकाम तक पहुंचा सकें.

भारत को सचमुच एक विकसित राष्ट्र बना सकें, भारत को विश्व गुरु बना सकें…

सच में देखा जाए तो कांग्रेस आज अपने ही द्वारा खोदे गए गड्ढों का हिसाब मोदी जी से मांग रही है… मोदी तो अब तक कांग्रेस के लंबे शासन से विरासत में मिले गड्ढे ही पाट रहे हैं. देश को एक उन्नत राष्ट्र बनाने में कम से कम 25 बरस का समय लगेगा.

मोदी अपने विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाते रहेंगे. हिंदुत्व उस एजेंडे के मूल में तो रहेगा पर ऊपर से दिखाई नहीं देगा. हिंदुत्व दाल में नमक सरीखा ही ठीक है.

125 करोड़ देशवासियों का पेट हिंदुत्व से नहीं बल्कि विकास से ही भरेगा. हिंदुत्व तो विकास की dish के ऊपर topping या garnish का काम करेगा… या फिर table salt की तरह…

Comments

comments

loading...

LEAVE A REPLY