मोदी-अमित शाह कैसे पाल रहे हैं बंग विजय का सपना

गुजरात में लगातार 6वीं बार चुनावी जीत और लगातार 22 वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद anti incumbency को मात देते हुए भाजपा की विजय पर कुछ मित्रों ने टिप्पणी की है कि इसमें कौन बड़ा बात है… बंगाल में तो CPM ने लगातार 35 बरस तक राज किया था…

ऐसा तर्क देने वालों की जानकारी के लिए बता दूं कि बंगाल में कम्युनिस्टों (CPM) का राज कुछ कुछ पुराने USSR (सोवियत संघ), वर्तमान चीन और उत्तर कोरिया सरीखा था… बंगाल में उन 35 सालों में सिर्फ नाम मात्र का लोकतंत्र रहा. सिर्फ दिखाने के लिए चुनाव होते थे पर कोई वोट नहीं डालने पाता था.

लोकतंत्र की आड़ में CPM पार्टी और बंगाल सरकार एक तानाशाही तंत्र और सरकार चलाते थे. इसमे पार्टी यानी CPM कैडर की समानांतर सरकार चलती थी. CPM का संगठन ऊपर मुख्यमंत्री से ले के नीचे मुहल्ले और गली तक था और CPM के गली प्रमुख की बात टालने की औकात थानेदार तो छोड़िए SSP और DM तक की नहीं होती थी.

CPM की modus operendi (कार्यप्रणाली) बड़ी आसान सरल थी. अपने विरोधी का नाम ही मत आने दो वोटर लिस्ट में… और किसी तरह नाम आ भी गया तो बूथ तक ही मत पहुंचने दो.

बूथ में तो तब आएगा न जब घर से निकलेगा? चुनाव वाले दिन बंगाल में CPM का अघोषित कर्फ्यू रहा 35 साल… इसके अलावा CPM कैडर ने उन 35 सालों में लाखों लोगों की हत्याएं की / कराईं, उन लोगों की जो उनके राजनैतिक विरोधी थे.

अब सवाल है कि ऐसी तानाशाही थी तो आखिर अंततः CPM हारी कैसे? TMC (तृणमूल काँग्रेस) ने उसे कैसे हराया?

हुआ यूं कि जब मोमता दी के नेतृत्व में TMC का उदय हुआ तो CPM का पूरा कैडर, वही गुंडा क़ातिल खूनी कैडर, रातों रात CPM छोड़ TMC में शामिल हो गया.

आप किसी भी बंगाली से बात करके देखिए, वो निजी बातचीत में मेरी बातों को अक्षरशः सत्य बता देगा.

आज भी TMC के राज में बंगाल में इतनी दहशत है… मौत की दहशत… कि मेरी इस पोस्ट पर कमेन्ट करने की भी औकात नहीं किसी की… ऐसे किसी आदमी की जो बंगाल में रहता है…

मैं भी नही लिख पाता ये पोस्ट, यदि मैं बंगाल वासी होता… मेरे एक बंगाली मित्र ने बताया कि आज भी बंगाल में ऐसे करोड़ों मतदाता हैं जिन्होंने अपनी ज़िंदगी मे कभी वोट नहीं डाला.

अब आप सोच रहे होंगे, कि फिर BJP और मोदी-अमित शाह कैसे बंग विजय का सपना पाल रहे हैं?

इसकी कुंजी है मुकुल रॉय के पास… अरे वही TMC वाले मुकुल रॉय जो हाल ही में TMC छोड़ BJP में आये हैं. TMC का सारा कैडर वही संभालते हैं.

ऐसा माना जाता है कि 2019 से पहले TMC का पूरा बाहुबली कैडर जो अधिकांश हिन्दू है, चुनाव से ऐन पहले, थोक में BJP में आ जाएगा और दशकों से मतदान से वंचित मतदाता आज़ादी से खुली हवा में सांस लेगा और वोट देगा (Of Course BJP को)

BJP ने लगातार 6 चुनाव जो जीते गुजरात में और 22 साल शासन किया वो किसी तानाशाही, State Terrorism, गुंडा गर्दी या Booth Capturing से नहीं जीते… काम किया, विकास किया तो जीते, और anti incumbency को defeat करके आज फिर जीते.

अगर आपका कोई बंगाल वासी दोस्त हो तो मेरे इस लेख का सत्यापन फोन पर, inbox में कर लें क्योंकि अगर बेचारे ने लेख पर कमेन्ट लिख दिया तो सुबह या तो हवालात-जेल में होगा या फिर किसी श्मशान, कब्रिस्तान या गटर में… लावारिस.

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