जीवनदीप : आपके थोड़े से सहारे से दोबारा चल सकता है रहमान

गाँव में जानवरों को चराते वक़्त रहमान (24 वर्ष) के पैर में किसी लोहे की चीज से चोट लग गयी थी. घर पर 5 दिन इन्होने देशी उपचार किया. पैर में सूजन आने पर सरकारी अस्पताल गए, वहां इन्हें इंजेक्शन और एक बोतल चढ़ा कर, एक दूसरे बड़े सरकारी अस्पताल रेफर कर दिया गया. जहाँ ये करीबन 15 दिन तक एडमिट रहे.

मुझे किसी करीबी से सूचना मिली कि इनका पैर पूरी तरह ख़राब होने की स्थिति में पहुँच गया है. अपने दोस्तों के साथ जब मैं इन्हें देखने गया तो हालत उससे ज़्यादा बुरे थे. पैर की पूरी चमड़ी जांघ तक पूरी तरह गलना चालू हो चुकी थी, इन्फेक्शन बढ़कर अन्दर की हड्डियों में पहुँच रहा था. इसका असर दूसरे पैर पर भी दिखना चालू हो गया था.

दरसल उसके पैर में “Necrotising Fascitis” नामक इन्फेक्शन हो गया है, और उसके पूरे पैर से मवाद आ रहा है. अगर उसका सही तरीके से इलाज अभी भी नहीं हुआ, तो पैर काटने की नौबत आ सकती है. इनके परिवार जन की समझ से परे था कि जाये तो जाये कहाँ.

वो इसे वापस घर ले जाने की तैयारी में थे. न इस मरीज को रेगुलर ड्रेसिंग मिल रही थी, ना ही सही अटेंशन. बेड बिस्तर पूरा मवाद और खून से लथपथ था. और जो ड्रेसिंग हो रही थी उसका भगवान मालिक. परिजनों को समझा कर उनसे अनुमति मिलने के बाद इन्हें बिलासपुर हॉस्पिटल में शिफ्ट करवाया गया.

जहाँ डॉ गोपेन्द्र दीक्षित सर के अनुसार कम से कम इस मरीज का इलाज एक महीने तक पूरी जिम्मेदारी के साथ और ध्यानपूर्वक करना होगा. पहले चरण में रोजाना दो बार ड्रेसिंग करके पैरों के मवाद को कम करना होगा, फिर लगभग 3 सप्ताह के बाद जब पैर का मवाद कंट्रोल में आएगा, तब फिर उसके पैर के पूरे घाव के ऊपर “स्किन ग्राफ्टिंग” या फिर “फ्लैप सर्जरी” का ऑपरेशन करके पूरे घाव को कवर करना रहेगा.

चूँकि मरीज का न्यूट्रीशनल स्टेटस बहुत कमजोर है, तो मरीज के पूरे हेल्थ स्टेटस को इम्प्रूव करना होगा. वर्तमान में रहमान का हिमोग्लोबिन लेवल 4 ग्राम है, तो उसे भी सामान्य स्तर पर लाने के लिए कम से कम 6 से 7 यूनिट ब्लड चढ़वाना पड़ेगा वो अलग. इस पोस्ट के लिखे जाने तक रहमान का एक्सरे, कल्चर टेस्ट हो चुका है और साथ ही उसे एक यूनिट ब्लड भी चढ़ाया गया है.

हम सब की जद्दोजहद सिर्फ इसलिए है कि रहमान जल्दी से ठीक हो कर अपने पैरों पर खड़ा हो जाए और वापस अपने परिवार के बीच सामान्य ज़िंदगी में लौट सके. अगर आपको लगता है कि हम सभी एक सकारात्मक प्रयास कर रहे हैं. तो कृपया इस लेख को आगे ज़रुर शेयर कीजिये. चूँकि इलाज अभी काफी लम्बा चलना है जिसमें लगातार दवाइयों, टेस्ट,ब्लड, स्किन ग्राफ्टिंग आदि पर बड़ा खर्च होना ही है. परिवार बहुत ही गरीब है इसलिए यथासंभव आर्थिक मदद का प्रयास ज़रुर करें दोस्तों. आप अपनी सहयोग राशि हॉस्पिटल के बैंक खाते में सीधे जमा करके सहयोग कर सकते हैं.
**************************************************
बिलासपुर हॉस्पिटल (Bilaspur Hospital)
स्टेट बैंक ऑफ़ इण्डिया खाता नम्बर- 31005118939
IFSC कोड- SBIN0030490
फ़ोन नम्बर- 07752644002
पता- मंगला चौक के नीचे, दीनदयाल रोड, सब्जी मार्किट के पीछे
मरीज- रहमान पैकरा
**************************************************
अधिक जानकारी के लिए आप मुझसे (रविन्द्र सिंह क्षत्री-जीवनदीप) 7415191234 पर संपर्क कर सकते हैं.

Comments

comments

loading...

LEAVE A REPLY