बाबरी मस्जिद के पुनर्निर्माण की मांग को सही और न्यायोचित मानते हैं कांग्रेस और सिब्बल?

अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में मन्दिर विरोधी मुस्लिम पक्ष की तरफ से वकील के रूप में पेश हुए कांग्रेसी नेता कपिल सिब्बल के सम्बंध में अपना बचाव करते हुए कांग्रेस ने तर्क दिया है कि कपिल सिब्बल एक पेशेवर वकील हैं और यदि कोई उनको अपना वकील नियुक्त करता है तो उसका केस लड़ना उनका व्यवसायिक दायित्व है, कांग्रेस का इससे कोई लेनादेना नहीं है.

कपिल सिब्बल ने अपनी सफाई में तर्क दिया है कि वो सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील नहीं हैं. कपिल सिब्बल के पक्ष में मन्दिर विरोधी मुस्लिम पक्ष के पक्षकार इकबाल अंसारी ने बयान दिया है कि कपिल सिब्बल सुन्नी वक्फ बोर्ड के नहीं बल्कि उसके वकील हैं.

यही वह बिन्दु है जहां कांग्रेस और कपिल सिब्बल अपने तर्कों और सफाई के कठघरे में खड़े दिखाई देते हैं.

संयोग से अयोध्या में राम जन्मभूमि पर मन्दिर निर्माण के विरोधी मुस्लिम पक्ष के दोनों पक्षकारों हाजी महबूब और हाशिम अंसारी के घरों पर जाकर उनसे वार्ता करने का अवसर मुझे मिला है.

दोनों ही निम्न मध्यम वर्गीय आर्थिक पृष्ठभूमि के हैं. हाशिम अंसारी की अब मृत्यु हो चुकी है. इकबाल अंसारी उन्हीं का पुत्र है. जबकि यह सर्वज्ञात तथ्य है कि कपिल सिब्बल देश के सबसे महंगे वकीलों में से एक है. कपिल सिब्बल सुप्रीम कोर्ट में प्रति पेशी लाखों रुपये की फीस वसूलते हैं.

अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में अपना पूरा मुकदमा लड़ने के लिए कपिल सिब्बल को उनकी पूरी फीस देने में निम्न मध्यम वर्गीय आर्थिक पृष्ठभूमि वाले इकबाल अंसारी का घर बिक जाएगा.

कपिल सिब्बल की फीस चुका पाना इकबाल अंसारी के लिए असम्भव है. यह सच इकबाल अंसारी की आर्थिक स्थिति से परिचित अयोध्या का हर व्यक्ति जानता है.

हालांकि सच यह भी है कि नामी गिरामी बड़े वकील अक्सर कुछ मुकदमे फ्री में लड़ते हैं, लेकिन वो ऐसा तब ही करते हैं जब उन्हें लगता है कि किसी मुकदमे के पक्षकार का पक्ष सही है और जनहित में भी है किंतु उसके पास केस लड़ने की आर्थिक क्षमता नहीं है.

अतः कपिल सिब्बल को तथा इकबाल अंसारी को यह बताना चाहिए कि कपिल सिब्बल को उनकी पूरी फीस कब और कैसे दी गयी?

कपिल सिब्बल यदि इकबाल अंसारी की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में फ्री में मुकदमा लड़ रहे हैं तो स्पष्ट है कि कपिल सिब्बल का यह मानना है कि अयोध्या में राम जन्मभूमि पर मन्दिर के बजाय बाबरी मस्जिद का पुनर्निर्माण का दावा/मांग शत प्रतिशत सही और न्यायोचित है. इसीलिये इकबाल अंसारी का मुकदमा सुप्रिमकोर्ट में कपिल सिब्बल फ्री में लड़ रहे हैं.

अतः कपिल सिब्बल की व्यवसायिक प्रतिबद्धता की दुहाई दे रही कांग्रेस और स्वयं कपिल सिब्बल की दुहाई की धज्जियां उड़ा देते हैं उपरोक्त तथ्य.

इसी के साथ साथ उपरोक्त तथ्य यह भी स्पष्ट कर देते हैं कि अयोध्या में राम जन्मभूमि पर मन्दिर के बजाय बाबरी मस्जिद के पुनर्निर्माण के मुस्लिम पक्ष के दावे/मांग को कपिल सिब्बल और कांग्रेस शत प्रतिशत सही और न्यायोचित मानते हैं.

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