सीधा कह दो कि हिन्दू अपने मंदिर बनाने बंद कर दें

कोर्ट करोल बाग वाली हनुमान मूर्ति हटवाने कह रही है!

जिस देश में सड़क पर मज़ार और मंदिर उग आते हैं, और सरकारों को रास्ता बदलना पड़ जाता है, वहीं करोल बाग स्थित 108 फ़ुट ऊँची हनुमान की मूर्ति को हायकोर्ट ने ‘एयरलिफ़्ट’ करने का निर्णय सुनाया है ताकि वहाँ जाम न लगे.

और इसे क्यों हटाया जाय? वो इसलिए कि इसके आस-पास ग़ैरक़ानूनी रूप से क़ब्ज़े हो गए हैं! मूर्ति ग़ैरक़ानूनी रूप से बनी है या इसके लिए सारे परमिशन नहीं लिए गए थे, ऐसा लगता तो नहीं.

मूर्ति ग़ैरक़ानूनी है, तो इसे एयरलिफ़्ट न करें, बुलडोज़र से तोड़ दिया जाय. साथ ही ये ऑडिट भी हो कि इस देश में कितने धार्मिक स्थल ग़ैरक़ानूनी रूप से, बिना नियम को माने, बने हुए हैं. फिर सबको डायनामाइट से उड़ाया जाय.

लेकिन मूर्ति के आस-पास के क़ब्ज़े की ज़मीन को फ़्री करने के लिए मूर्ति को एयरलिफ़्ट करके कहीं और ले जाना, इस न्याय व्यवस्था के चुटकुलेबाज़ रवैये की तरफ इशारा करता है.

फिर आप कहते हैं कि कोर्ट हिन्दुओं को ख़िलाफ़ नहीं है! प्रदूषण फैले खाड़ी देशों से आने वाली हवा से, खेतों को जलाने से और बंद कराइए दीवाली पर पटाखे! साल भर पानी बर्बाद होता रहे, वो ठीक, लेकिन होली वॉटरलेस हो जाए.

आपकी ट्रैफ़िक पुलिस नकारी है; इतनी गाड़ियाँ लोग ख़रीद लेते हैं, और पार्किंग की व्यवस्था है नहीं; पुलिस पैसे लेकर खोमचे वालों को आधी सड़क दे देते हैं; दुकान वाले और कस्टमर सड़क के दोनों तरफ अपनी गाड़ियाँ पार्क कर देते हैं; और ग़लती हनुमान की मूर्ति की है!

सीधा कह दो कि हिन्दू अपने मंदिर बनाने बंद कर दें, त्योहार कोर्ट की निगरानी में मनाएँ, या सबसे अच्छा देश छोड़कर कहीं चले जाएँ क्योंकि सौ करोड़ की आबादी हो गई है, जो कि न तो ईसाई बन पाई, न मुसलमान!

एडवेंचरस लोगों को लगता है कि, सिर्फ़ ये दिखाने के लिए कि उन्होंने कहीं ये ख़बर सुन ली है कि अमेरिका में पूरे स्कायस्क्रैपर को ‘एयरलिफ़्ट’ कर देते हैं, तो ये आइडिया मूर्ति पर भी लागू हो सकता है!

दिक्कत है ट्रैफिक की, सड़कों पर जाम लगता है किसी और वजह से, पुलिस को ये नहीं कहते कि इल्लीगल गतिविधियाँ बंद कराएँ, मूर्ति को एयरलिफ़्ट करवा दें!

कहाँ से पैसा आ रहा है ऐसे लोगों के पास जो ऐसे आदेश देते दिखते हैं?

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