वैश्विक पटल पर है कोई और नेता!

चाहे जितनी खूबसूरत और ऊंची संगमरमर से बनी इमारत हो, दुनिया के विशालतम सुंदर खूबसूरत भवनों में से एक हो.

उसे सर्वश्रेष्ठ राजगीरों, मिस्त्रियों, इंजीनियरों ने तैयार किया हो, चींटी उसमें क्या खोजती है? छेद और क्या.

हमारे देश में बहुत सारे लोग इस समय छेद ही छेद खोजने में लगे हैं. 24 घंटा चौकन्ने रह कर के वह अपने ही देश में बुराई ढूंढते हैं.

उन्हें प्रधानमंत्री मोदी का परिश्रम नहीं दिखाई देता. कहते हैं न, घर की मुर्गी दाल बराबर.

प्रधानमंत्री मोदी दुनिया में सबसे अधिक काम करने वाले प्रधानमंत्री हैं. उनके आगे पीछे कोई नहीं है. उनके पास सिर्फ काम है. काम के अलावा कुछ नहीं है.

मोदी 24 घंटे में 18 घंटे काम करने वाले नेता हैं. दिन रात देश के बारे में सोचते हैं, देश को आगे ले जाने के बारे में सोचते हैं, देश को नंबर 1 बनाने के बारे में सोचते हैं.

कांग्रेस, समाजवादी, वामी पार्टियां तो मोदी के हर क़दमों का विरोध करती ही रही हैं देश मे एक ऐसा वर्ग भी है जो मोदी का विरोध केवल विरोध के लिए करता रहा है.

वह जन्मजात अन्धविरोधी है. उसने नोटबंदी का विरोध किया, सर्जिकल स्ट्राइक का भी विरोध किया, GST का भी विरोध किया, पत्थरबाजों पर एक्शन का भी विरोध किया.

सरकार की 750 बड़ी सकारात्मक नीतियों/योजनाओं का विरोध किया, देश के विकास के लिए बन रही दूरदर्शी योजनाओं में रुकावटें डाली, मोदी के हर काम का विरोध किया.

कांग्रेस आज बुरी तरह हारकर विपक्ष में है. पहली बार एक पार्टी की पूर्ण बहुमत वाली कांग्रेस-मुक्त सरकार बनी है.

वैसे विपक्षी पार्टियों का काम ही होता है कि सत्ता पक्ष के हर काम का विरोध करना लेकिन कुछ लोगों ने कांग्रेस की बातों में आकर मोदी का विरोध करना शुरू कर दिया हैं.

कुछ लोगों ने नोटबंदी का जिस तरह विरोध किया उसमें उनका भ्रष्टाचारी चेहरा जनता के सामने बेनकाब हो गया. अब वे लोग इस बात की भी हंसी उड़ाते हैं कि मोदी दिन रात काम करता रहता है.

ऐसे लोगों के लिए घर की मुर्गी दाल बराबर है लेकिन आज डोनाल्ड ट्रम्प ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करके बता दिया कि भारत के लोग कुछ भी कहें लेकिन दुनिया मोदी को गंभीरता से ले रही है. इस समय मोदी वैश्विक पटल पर सबसे बड़े नेता है.

डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा – ‘भारत आजादी की 70वीं वर्षगाँठ मना रहा है. यह एक स्वतंत्र लोकतंत्र है. एक अरब से अधिक जनसँख्या के साथ यह दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है. जब से भारत ने अपनी अर्थव्यवस्था को खोला है, इसका जबरदस्त तेजी से विकास हो रहा है. साथ ही मिडिल क्लास के विकास की संभावनाएं बहुत अधिक बढ़ रही हैं और प्रधानमंत्री मोदी देश और देश के सभी लोगों का विकास करने में सफलता के साथ काम कर रहे हैं और सफल भी हो रहे हैं.’

ट्रम्प ने यह सब, कोई मोदी के सामने नहीं कहा बल्कि वह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में बोल रहे थे और वहां मोदी शिरकत नहीं कर रहे थे.

अमेरिकी राष्ट्रपति ने चीन से लौटकर वियतनाम में एशिया प्रशांत आर्थिक सहयोग संगठन (एपेक) सम्मेलन के दौरान अपने संबोधन के दौरान यह टिप्पणियां की.

उल्लेखनीय है ऐसे ही कुछ विचार ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, जापान के प्रमुखों ने भी कुछ दिन पहले व्यक्त किये थे.

शिंज़ो आबे के विचार तो अभी-अभी आपने देखे हैं वह मोदी को अपना फेवरिट कहते हैं. शी-जिनपिंग, जो चीन के प्रमुख है मतलब कम्युनिस्टों के नेता, मोदी के चमत्कारिक व्यक्तित्व पर अपने विचार जाहिर कर चुके हैं.

अरब के सुल्तान और युवराज ने मंदिर के लिए जमीन दे डाली, मोदी के प्रभाव का इससे बड़ा क्या सबूत होगा.

मोदी को दुनिया के बेस्ट पीएम के रूप में देखा जा रहा लेकिन हमारे देश के अंध-विरोधियों की मति मारी जा चुकी है. वे मोदी के अच्छे से अच्छे कार्य मे बुराई ही बुराई ढूंढते हैं. क्षुद्र इन्हें ही कहा जाता है.

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