हिन्दू आतंकवाद – 2

क्षमा कीजिये श्रीमान कमल हासन साहब! आप सरासर झूठ बोल रहे हैं, जो आप कह रहे हैं है वह मात्र एक परिकल्पना है.

कुछ तर्क है शायद मेरी बात स्पष्ट हो जाये?

क्या बिना सरकार और न्यायालय के प्रमुख हिन्दू आराध्य श्रीराम का जन्मभूमि मंदिर हिन्दू आतंक के बल पर बन चुका है अयोध्या में?

क्या कृष्ण की इस भूमि पर स्वयं मथुरा में कृष्ण मंदिर से सटी मस्जिद हटा दी गई है हिन्दू आतंकियों द्वारा?

क्या कंकर कंकर वाले शिव के प्रमुख ज्योतिर्लिंग विश्वनाथ से ज्ञानवापी मस्जिद हटा दी गई है हिन्दू आतंकियों द्वारा?

क्या मप्र की भोजशाला में अब मात्र सरस्वती पूजा होती है नमाज़ नहीं?

क्या समस्त बांग्लादेशी एवं रोहिंग्या परजीवियों को देश से बाहर खदेड़ दिया गया हैं हिन्दू आतंकियों द्वारा?

क्या कश्मीर में समस्त कश्मीरी पंडितों को उनके जमीन जायदाद वापस दिलवा दी है हिन्दू आतंकियों ने AK-47 के दम पर?

क्या हिन्दू आतंकियों ने किसी जज को गोली मार दी गई है पटाखों /शिवलिंग पूजा /दही हांडी जैसे विषयों पर व्यवस्था देने के जुर्म में?

क्या नरेश अग्रवाल, प्रशांत भूषण, आजम ख़ाँ अब धरती पर जिंदा नहीं बचे हिन्दू आतंकियों की बर्बरता के चलते?

उपरोक्त समस्त प्रश्नों के उत्तर “ना” ही है ना महोदय??

अब कहिये कि क्या आपके “आरोप” उचित है?

चलिये अब मैं आपको सार में डेमो के साथ समझाता हूँ कि वस्तुतः आतंक होता क्या है?

“वह स्थिति कि जिसमें आप अपने द्वारा किये गए “कथित विश्लेषण” को पूर्ण रूप से सही होते हुए भी, प्रकाशित और प्रसारित ना कर पाओ और एक ज्ञात भय/ निश्चित परिणीति से भयभीत होकर चुप हो जाओ उसे आतंक कहते है साहब!”

बिल्कुल ठीक समझे आप सर अगर हिन्दू आतंक होता तो आपकी यह सब बकवास करने की जुर्रत ही नहीं होती हुज़ूर!

जिस चिड़िया की आप बात कर रहे हो ना उसका रंग भगवा नहीं होता “चाची 420 ” बल्कि उसे प्रायः “हरियाले खेतों” के आस पास ही उड़ते हुए पाया जाता है.

निश्चिन्त रहे साहब आपको कोई वक्रदृष्टि से देखेगा तक नहीं सिवाय फेसबुक के कुछ चक्रवर्तियों और ट्विटर के कुछ श्वेत कपोतों के भगवा शब्दबाणों के अलावा.

हिन्दू आतंकवाद!!!

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