इन लाल नोटों की जमाखोरी करने वाले हो जाएं सावधान

नई दिल्ली. पिछले साल एक हज़ार और 500 रूपए के करेंसी नोट बंद करने के बाद जारी किए गए 2000 रूपए के नोट पर होने वाली अटकल बाजियों को एक आरटीआई आवेदन से और बल मिला है.

उल्लेखनीय है कि बीते एक साल में ऐसे अनुमान लगाए जाते रहे हैं कि 2000 रुपये का नोट लंबे समय तक प्रचलन में नहीं रहेगा.

वर्तमान में देश के सबसे बड़े करेंसी नोट यानी 2000 रूपए के नोट के बारे में दायर आरटीआई याचिका पर सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (SPMCIL) ने अपना जवाब दिया है.

इस जवाब से जहां इस मूल्य के नोट के भविष्य पर प्रश्नचिह्न लग गया है, वहीं यह उन लोगों के लिए खतरे की घंटी है जो दो हज़ार के नोटों की जमाखोरी कर रहे हैं.

आरटीआई आवेदन के जवाब में SPMCIL ने कहा कि 2000 रुपये के करंसी नोटों को प्रिंट करने के लिए RBI की ओर से SPMCIL को कोई मांग नहीं भेजी गई है.

जवाब में आगे कहा गया है कि मौजूदा समय में SPMCIL सिर्फ 500 रुपए के नोट (नए) और इससे कम मूल्य के नोट प्रिंट कर रही है.

उल्लेखनीय है कि सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड भारत सरकार के पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी है. इस कंपनी की ओर से करंसी नोटों को छापने के साथ सिक्कों को भी ढाला जाता है.

SPMCIL के जवाब से यह तो स्पष्ट है कि 2000 रुपए के नोटों को प्रिंट करना बंद कर दिया गया है और इससे छोटे मूल्य के नोटों को ज्यादा सर्कुलेशन में लाया जा रहा है.

साथ ही इस उत्तर से यह भी संकेत मिलता है कि नए नोट न छपने की अथिति में 2000 रुपए के नोट चरणबद्ध तरीके से प्रचलन से बाहर किए जा सकते हैं.

यहाँ बता दें कि नए नोट जारी होने के बाद दिसंबर 2016 में आरएसएस के विचारक एस गुरुमूर्ति का बयान आया था कि जो लोग 2000 रुपये के नोटों की जमाखोरी करना चाहते हैं, वो पहले दो बार सोच लें क्योंकि ये नोट ज्यादा दिनों तक प्रचलन में नहीं रहने वाला है.

इसके बाद इसी साल जुलाई में प्रकाशित कई मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से 2000 रुपये के नोटों की आपूर्ति नहीं किए जाने से ऐसी अटकलों को बल मिला है कि सोची समझी रणनीति के तहत 2000 रुपये के नोटों की आपूर्ति सीमित की जा रही है.

इसी समय एक अन्य रिपोर्ट में कहा था कि RBI ने 2000 रुपए के नोटों को छापना बंद कर दिया है और मौजूदा वित्त वर्ष में इन्हें और नहीं छापा जाएगा.

हालांकि 2000 रुपये के नोटों को लेकर सरकार की ओर से भी समय समय पर बयान आते रहे हैं. इसी साल अप्रैल में सरकार ने राज्य सभा में बताया था कि 2000 रुपये के नोटों के विमुद्रीकरण की कोई योजना नहीं है.

अगस्त में वित्त मंत्री अरुण जेटली से जब सवाल किया गया कि क्या सरकार 2000 रुपये के नोटों को चरणबद्ध ढंग से प्रचलन से बाहर करने पर विचार कर रही है, तो उन्होंने कहा, ‘नहीं, ऐसा कोई विचार नहीं चल रहा.’

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