लव जिहाद केस में सुप्रीम कोर्ट का सवाल, कौन सा क़ानून है जो अपराधी से प्‍यार करने से रोके!

नई दिल्‍ली. देश की बहुसंख्यक आबादी से सम्बंधित मामलों में दिखा सुप्रीम कोर्ट का रुख कुख्यात लव जिहाद मामले में भी कायम है. केरल की हिन्दू लड़कियों पर कहर बन कर टूटे लव जिहाद मामले की सुनवाई करते हुए सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने कहा कि अगर लड़की बालिग़ है तो उसकी सहमति सर्वोपरि है.

पिछली सुनवाई में भी सुप्रीम कोर्ट ने केरल हाई कोर्ट के फैसले पर हैरानी जताते हुए कहा था कि कोई कैसे एक धर्मपरिवर्तन कर निकाह करने वाली लड़की की शादी रद्द कर सकता है. सोमवार को जब NIA ने शादी करने वाले के अपराधी होने की बात कही तो सुप्रेम कोर्ट का कहना था कि क्‍या अपराधी से प्‍यार करना गुनाह है?

केरल के लव जिहाद मामले की सुनवाई के दौरान सोमवार को राष्‍ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने कहा कि केरल में लड़कियों का मनोवैज्ञानिक अपहरण हो रहा है. केरल में कट्टरता और लव जिहाद मामलों के पीछे पूरी एक मशीनरी काम कर रही है. केरल में लव जिहाद के 89 मामले हैं.

NIA ने कहा कि अखिला उर्फ़ हादिया की जिस शख्‍स से शादी हुई है, वह अपराधी है. इस पर कोर्ट ने पूछा कि क्‍या अपराधी से प्‍यार करना गुनाह है? सुप्रीम कोर्ट ने धर्म परिवर्तन करके एक मुसलमान से विवाह करने वाली केरल की अखिला के पिता को बेटी को 27 नवंबर तक कोर्ट के समक्ष पेश करने के निर्देश दिए.

इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने पीड़िता के पिता की उस याचिका को भी खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने कैमरे के सामने सुनवाई की मांग की थी. शीर्ष न्यायालय ने कहा कि वह उस दिन पूर्वाह्न तीन बजे खुली सुनवाई में महिला से बातचीत करेगी.

उल्लेखनीय है कि केरल हाई कोर्ट ने 25 मई को 24 साल की हिंदू महिला अखिला की शादी को रद्द कर दिया था. महिला ने मुस्लिम व्यक्ति से दिसंबर 2016 में शादी की थी. अदालत ने अखिला को माता-पिता के पास रखने का निर्देश दिया था.

हाई कोर्ट के इसी फैसले के खिलाफ अखिला के पति शफीन जहां (27) ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी. इस पर सुनवाई करते हुए बीती 16 अगस्त को कोर्ट ने इस मामले की एनआईए जांच के आदेश दिए है.

अखिला के पति ने अपनी याचिका में आदेश को ‘भारत में महिला की आजादी का अपमान बताया है.’ जबकि पीड़ित महिला के पिता को कोर्ट में पेश होने का सुप्रीम कोर्ट से आदेश देने का आग्रह करते हुए शफीन के वकील ने दावा किया कि महिला ने अपनी शादी से दो साल पहले ही खुद से इस्लाम कबूल कर लिया था.

वहीं, पीड़िता के पिता की तरफ से वकील माधवी दीवान ने कहा कि अखिला एक असहाय पीड़ित है, जो बुरी तरह गिरोह में फंस गई, जो मनोवैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल कर लोगों को इस्लाम अपनाने को प्रेरित करता है. वकील ने कहा कि जहां एक अपराधी है और उनकी बेटी पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया व आईएस से संबंध वाले एक नेटवर्क में फंस गई है.

इससे पहले NIA ने कोर्ट से कहा कि अखिला को बहला कर शादी करने वाला एक अपराधी है. उसने लड़की को इस कदर बरगलाया है कि वह सही और गलत का फैसला नहीं कर सकी और धर्म परिवर्तन कर शादी कर बैठी.

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