भानुमति -5 : कृष्ण हैं हृषिकेश, इंद्रियों के स्वामी

काम्पिल्य नरेश यज्ञसेन द्रुपद ने गुरु संदीपनी से एक ऐसे तेजस्वी युवक के बारे में पूछा था जिससे वे द्रौपदी का विवाह कर सकें और जो द्रोण से उनका प्रतिशोध ले सके. द्रोण इस समय कौरवों के प्रधान सेनापति और युद्धशाला के आचार्य हैं, अतः उनसे भिड़ने का मतलब भीष्म, कर्ण, कृप, भूरिश्रवा सहित सम्पूर्ण … Continue reading भानुमति -5 : कृष्ण हैं हृषिकेश, इंद्रियों के स्वामी