ब्लैकमेलिंग, रंगदारी वसूलने और जान से मारने की धमकी के केस में वरिष्ठ पत्रकार गिरफ्तार

गाजियाबाद. गाजियाबाद के इंदिरापुरम से वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया. पत्रकार विनोद वर्मा को आज सुबह लगभग 4 बजे छत्तीसगढ़ पुलिस ने उनके इंदिरापुरम स्थित आवास से गिरफ़्तार किया गया और उनसे करीब 5 घंटे इंदिरापुरम थाने में पूछताछ की गई.

छत्तीसगढ़ में विनोद वर्मा के ख़िलाफ़ धारा 384 यानी जबरन वसूली और धारा 506 यानी धमकी देने का केस दर्ज किया गया है. रायुपर में कुछ सीडी बरामद की गई हैं. आरोप है कि पत्रकार विनोद वर्मा की इनमें भूमिका रही है.

विनोद वर्मा को छत्तीसगढ़ की रायपुर पुलिस ने आज तड़के 3 बजे गिरफ्तार किया है. पुलिस ने इनके पास से 500 सीडी और 2 लाख नकदी कैश बरामद किए हैं. अभी गिरफ्तार कर इनको गाज़ियाबाद के इंदिरापुरम थाने में रखा गया है.

सूत्रों के मुताबिक छत्तीसगढ़ के बड़े नेता की सीडी से जुड़ा बताया जा रहा है. पुलिस ने इन्हें 384 और 506 आईपीसी की धारा के तहत गिरफ्तार किया है. लोकल पुलिस अभी इस मामले को बताने से गुरेज कर रही है.

गौरतलब है कि विनोद वर्मा पर ब्लैकमेलिंग, रंगदारी वसूलने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वर्मा को गाजियाबाद के इंदिरापुरम से अरेस्ट किया है.

वरिष्ठ कहे जाने वाले पत्रकार विनोद वर्मा एडिटर्स गिल्ड के सदस्य होने के साथ साथ देशबंधु, बीबीसी और अमर उजाला के साथ रहे हैं. विनोद वर्मा छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल के रिश्तेदार हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पंडरी इलाके में रहने वाले प्रकाश बजाज नाम के एक शख्स को फोन पर ब्लैकमेल कर धमकी दी गयी थी. उसे कहा गया कि मंत्री की सीडी है.

यह शख्स मंत्री का करीबी बताया जाता है. इस मामले में पंडरी थाने में एक FIR दर्ज किया गया और SP अजातशत्रु के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की एक टीम को दिल्ली रवाना किया गया.

इस मामले में पहले एक दुकान पर छापा मारा गया जहां CD तैयार करायी गयी थी. वहां पुलिस को करीब 1000 सीडी की कॉपी मिली साथ ही वीडियो भी बरामद हुआ जिस से ये सीडी बनायी गयी थी. बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ में कुछ सीडी पकड़ी गई हैं जिन्हें बनाने में विनोद वर्मा की भूमिका है.

पत्रकार विनोद वर्मा की गिरफ्तारी के बाद आम आदमी पार्टी के नेता आशुतोष ने ट्वीट कर गुस्सा निकाला. उन्होंने ट्वीट में लिखा कि बीबीसी और अमर उजाला के पूर्व डिजिटल एडिटर विनोद वर्मा को 3.30 बजे रहस्यमयी स्थिति में उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. यह प्रेस की आजादी पर हमला है.

आशुतोष के इस ट्वीट का जवाब देते हुए यूपी पुलिस ने लिखा कि विनोद वर्मा को छत्तीसगढ़ पुलिस ने रंगदारी के मामले में गिरफ्तार किया है. उनकी गिरफ्तारी में यूपी पुलिस का कोई हाथ नहीं है.

छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने विनोद वर्मा की गिरफ्तारी की निंदा की है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भूपेश सिंह बघेल ने कहा कि विनोद वर्मा के पास छत्तीसगढ़ के एक रसूखदार मंत्री की सीडी थी. इस सीडी में मंत्री एक लड़की के साथ आपत्तिजनक अवस्था में नजर आ रहे थे. नेता ने आरोप लगाया कि यह सीडी सबके पास थी, ऐसे में विनोद वर्मा की गिरफ्तारी निंदनीय है.

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