शिवसेना को प्रधानमंत्री पद के लिए पसंद आए राहुल

मुंबई. महाराष्ट्र में लंबे अरसे से भाजपा की सहयोगी रही शिवसेना को अब कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के पुत्र राहुल प्रधानमंत्री पद के योग्य लगने लगे हैं. इतना ही नहीं, शिवसेना के मुताबिक़ देश में तथाकथित मोदी लहर अब ख़त्म हो चुकी है.

शिवसेना सांसद संजय भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा है कि मोदी लहर अब खत्म हो चुकी है और राहुल में नेतृत्व की क्षमता है. संजय राउत ने राहुल गांधी का समर्थन करते हुए कहा कि मतदाता किसी को भी पप्पू बना सकते हैं.

वहीं पूर्व शिव सैनिक और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना सुप्रीमो राज ठाकरे ने भी गुरुवार को कहा कि गुजरात विधानसभा चुनाव के बाद विपक्षी दल मजबूत बनेंगे. ठाकरे ने कहा, मैं मानता हूं कि विपक्ष थोड़ा कमजोर हुआ है लेकिन गुजरात चुनाव के बाद यह मजबूत होगा. विपक्ष में बदलाव दिखाई देगा.

ठाकरे ने प्रधानमंत्री मोदी के गुजरात में धुआंधार प्रचार अभियान पर आपत्ति जताते हुए कहा, मुझे हैरानी हो रही है कि प्रधानमंत्री समेत इतने मंत्री केवल एक राज्य में इतनी रैलियां क्यों कर रहे हैं? भले ही यह प्रधानमंत्री का गृह राज्य है, लेकिन यह अच्छा नहीं लगता कि देश का प्रमुख एक राज्य के लिए चुनाव प्रचार कर रहा है. ठाकरे ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने नोटबंदी के बाद और नोट छपवाए और भाजपा को इससे फायदा हुआ.

शिवसेना के संजय राउत ने कहा है कि देश में मोदी लहर खत्म हो चुकी है और गुजरात में भाजपा को कड़ी टक्कर मिल सकती है. संजय राउत ने राहुल गांधी का समर्थन भी किया और कहा, ‘मोदी लहर फीकी पड़ चुकी है और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी देश का नेतृत्व करने में सक्षम है.’

राऊत ने कहा कि जीएसटी के खिलाफ गुजरात के लोगों में रोष इस बात का संकेत है कि भाजपा को चुनाव में एक कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि देश में सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति जनता है. मतदाता किसी को भी ‘पप्पू’ बना सकते हैं.

राज ठाकरे ने कहा कि 2019 चुनाव से पहले भाजपा सरकार दाऊद को भारत ला सकती है. इसके बाद दावा किया जाएगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोशिशों से दाऊद को लाया जा सका. ठाकरे ने बताया कि दरअसल दाऊद खुद चाहता है कि वह भारत आ जाए. वह बहुत बीमार है और आखिरी पल भारत में गुजारना चाहता है.

ठाकरे ने दावा किया कि इसके सहारे भाजपा 2019 का चुनाव जीतना चाहती है. अगर किसी वजह से दाऊद को नहीं ला पाए तो उनकी कोशिश कोई दंगा या करगिल जैसे युद्ध का सहारा लेते हुए जीत हासिल करने होगी.

ठाकरे ने कहा कि यदि गुजरात में भाजपा सरकार ने अच्छा काम किया है, तो राज्य में पार्टी के लिए इतनी अधिक संख्या में मंत्रियों को प्रचार करने की आवश्यकता नहीं है. राज ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने नोटबंदी के बाद और नोट छपवाए और भाजपा को इससे लाभ हुआ. भाजपा के अलावा किसी राजनीतिक दल के पास इतना फंड नहीं है. भाजपा से यह पूछा जाना चाहिए कि उन्हें इतना फंड कैसे मिला?

Comments

comments

loading...

LEAVE A REPLY