अचानक और कब मार देंगे, थप्पड़ मारे जाने के बाद ही लगता है इसका पता

याद करिए पिछले साल उड़ी में सेना के कैम्प पर हुए हमले के बाद पाकिस्तान का पानी काट देने की चर्चा जोर शोर से शुरू हो गयी थी.

जल संसाधन मंत्री समेत जल संसाधन मंत्रालय तथा अन्य सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ नौकरशाहों के साथ प्रधानमंत्री रक्षामंत्री विदेशमंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की ताबड़तोड़ बैठकें दिल्ली के नॉर्थ और साउथ ब्लॉक में होने लगी थी.

5-6 दिन में ऐसा समां बन गया था मानो अगले कुछ ही दिनों में पाकिस्तान का पानी रोक दिया जाएगा. हालांकि थोड़ी सी भी तकनीकी जानकारी रखने वाला व्यक्ति यह समझ सकता था कि पाकिस्तान का पानी रोके जाने पर उस पानी का भारतीय सीमा के भीतर ही निस्तारण करने की समुचित व्यवस्था नहीं है.

और यह व्यवस्था किए बिना पाकिस्तान जाने वाले पानी को स्थायी रूप से रोका जाना सम्भव ही नहीं तथा ऐसी किसी व्यवस्था को करने में कम से कम दो से ढाई वर्ष का समय लगेगा ही लगेगा.

लेकिन उस समय मोदी सरकार द्वारा पाकिस्तान को जा रहे पानी को रोके जाने का समां इतने शातिर और सधे हुए अंदाज़ में बनाया गया था कि पाकिस्तान में भी हड़कम्प मच गया था. वहां के न्यूज़ चैनलों में इस बात पर घण्टों बहस होने लगी थी कि भारत द्वारा पाकिस्तान का पानी रोके जाने के क्या और कैसे परिणाम होंगे.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपरोक्त प्रकरण ज़बरदस्त चर्चा का विषय बन गया था. ऐसे किसी भी भारतीय निर्णय के अच्छे-बुरे भावी परिणामों की अटकलों अनुमानों का बाज़ार गर्म होकर जब अपने चरम पर पहुंच चुका था.

तब ही 28 सितम्बर की सुबह भारतीय सेना के DGMO ने आकस्मिक पत्रकार वार्ता बुलाकर यह ऐलान कर के देश के साथ साथ दुनिया को भी चौंका दिया था कि बीती रात को हमारी सेना के कमांडो जवानों ने पाकिस्तानी सीमा के भीतर घुसकर 250 किमी के दायरे में स्थित आतंकी अड्डों पर हमला कर उनको नेस्तनाबूद कर के भारी संख्या में आतंकवदियों को मौत के घाट उतार के उड़ी हमले का बदला ले लिया है.

दरअसल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की यह रणनीतिक मुद्रा अत्यन्त विशिष्ट है. प्रधानमंत्री मोदी अपना बायां हाथ लहराते, झुलाते हुए अपने दाएं हाथ से झन्नाटेदार थप्पड़ अचानक और कब मार देंगे, इसका पता थप्पड़ मारे जाने के बाद ही लगता है.

कल कश्मीर में सबसे वार्ता के लिए एक वार्ताकार की नियुक्ति की घोषणा के 24 घण्टे के भीतर आतंकवादी लफंगों के सरगना सैय्यद सलाहुद्दीन के लड़के की गिरफ्तारी एक ऐसा ही थप्पड़ है जो पड़ने के बाद ही सलाहुद्दीन की समझ में आया होगा.

प्रतीक्षा करिए गुजरात में भी इसी शैली में ऐसा ही जोरदार-झन्नाटेदार आकस्मिक थप्पड़ कांग्रेस के मुंह पर भी पड़ने वाला है, जिससे उसका चेहरा ही नहीं पूरा जिस्म झन्ना जाएगा… बस इन्तज़ार करिए.

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