अब मुंह छुपाकर नहीं, दिल खोलकर मुस्कुराइए : पीले दांतों को सफ़ेद करने का अचूक उपाय

एक दाढ़ मुझे कई बरसों से तकलीफ दे रही थी. साल में एक बार दर्द उठता. और मैं नज़र अंदाज़ कर जाती. फिर 2015 में दाढ़ ने जवाब दे दिया. डॉक्टर को दिखाया तो कहा इसे उखाड़ने के अलावा और कोई चारा नहीं.
तो उन्होंने कुछ दवाइयां दी, कुछ परहेज़ बताये और सबसे महत्वपूर्ण बात कि जिस दांत या दाढ़ में दर्द हो उस करवट पर गलती से भी नहीं सोना है. उसके लिए आप सोते समय उस करवट पर एक पटा उलटा रख दीजिये ताकि उस ओर करवट लेने लगो तो पटे के पाये चुभने से याद आए कि उस करवट पर नहीं सोना है.

अक्सर मना ही होता है उस ओर मुंह करना जिस ओर मुंह करने से दर्द बढ़ता हो, लेकिन मनुष्य स्वभाव हमेशा उसी ओर अधिक खिंचता है जिस ओर “मना है” का बोर्ड लगा हो… ये देखने के लिए कि देखें क्या मना है….

तो मुझे भी मना था उस ओर करवट ले कर सोना जिस ओर दांत का दर्द हो… और मनुष्य स्वभाव की स्वाभाविकता को दर्शन के भारी भरकम शब्दों में लपेटकर मैं दर्द की ओर मुंह करके सो जाती हूँ…- यही नहीं सुशील गृहणी के लक्षणों का उदाहरण देती हुई खा लेती हूँ बच्चों की थाली का बचा हुआ चावल और पोहा जिससे परहेज़ की डॉक्टर की सख्त हिदायत के आगे अपनी बेचारगी को कुशलता से जोड़कर खुद पर गर्व कर लेती हूँ.

नतीजा… डॉक्टर के दो बार दांतों में अलग अलग एंगल से इंजेक्शन से एनस्थीसिया देने के बावजूद मसूढ़े सुन्न नहीं हो पाते … और डॉक्टर की परहेज़ को लेकर फटकार को एक बार फिर दर्शन का मुलम्मा चढ़ाकर सबके सामने दांत की पीड़ा को लेकर पेश हो जाती हूँ…

“संवेदना की पराकाष्ठा जो शून्य नहीं हो सकी”…. देखा मैंने कहा था ना तुम्हारा विज्ञान भी मुझे संवेदनाहीन नहीं कर सकेगा… हालांकि दांत की वेदना से मुक्ति के लिए उसी विज्ञान की शरण में जाती हूँ…

दांत का दर्द जैसे अतीत का नासूर हो गया… जो नासूर दर्द दे उस ओर मुंह ही क्यों करना… समय की हिदायतों का एक उल्टा पटा पीठ से टिकाए अतीत की ओर रख लो ताकि बेखयाली में भी कभी उस ओर करवट लो तो उसके पाये के चुभने का दर्द आपको वर्तमान की भयंकर पीड़ा से बचा ले.

और फिर एक दिन आखिरकार दांत उखड गया … और अपने ही शरीर के किसी हिस्से का यूं सुन्न हो जाना, शून्य कर गया मस्तिष्क के कुछ तंतुओं को भी जहां दर्द अक्सर आकर उसकी जड़ें कमज़ोर कर जाते थे…

और अपने ही शरीर के किसी हिस्से को उखड़ते हुए महसूस करना यूं था जैसे मस्तिष्क से उन विचारों को उखाड़ फेंकना जिनकी जड़ें सड़ चुकी हो और उन्हें सिर्फ लोकमर्यादा के नाम पर सहेज रखा हो…

दांत के उखड़ते समय दर्द बिलकुल नहीं था लेकिन उसकी जड़ों के तंतुओं का एक एक करके टूटते हुए महसूस करना ही एक अजीब अनुभव था …

हम इंसान कई बार ऐसे ही तोड़ देते हैं जड़ों से रिश्ते … उसके एक एक तंतुओं का टूटना महसूस भी करते हैं…. लेकिन भावनाएं शून्य हो चुकी होती है…. सुन्न हो जाती है संवेदनाएं भी…. जड़ें सड़ चुकी होती हैं तो आसानी से निकल आते हैं रिश्ते… दर्द भी नहीं होता उस समय…

लेकिन बाद में ज़रूर वो खाली जगह टटोलती रहती है जीभ…

लेकिन बाकी दांतों को भी वही पीड़ा न झेलना पड़े इसके लिए मैंने इलाज खोजना शुरू किया. यूं तो मेरे साथ बचपन से ही मसूढ़ों से रक्त आने की समस्या रही है. जिसकी वजह से दांतों का रंग पीला पड़ गया और मसूढ़े भी बहुत कमज़ोर हो गए. एलोपैथिक, होम्योपैथिक सारे इलाज करवाने के बाद भी जब ठीक नहीं हुआ तो मैंने सारे उपाय छोड़ दिए और पहुँची आयुर्वेद की शरण में.

एक दिन टीवी पर ज्योतिषाचार्य पवन सिन्हा को दांतों की समस्या पर एक बहुत कारगर इलाज बताते हुए सुना. मैंने वह अपनाया और आज दांतों और मसूढ़ों की समस्या से निजात पाई.

आपके साथ यह न हो इसके लिए आप पहले से ही नीचे दिए गए उपाय शुरू कर दीजिये.

त्रिफला

एक कांच के ग्लास में एक चम्मच त्रिफला चूर्ण डालकर उसे पूरा पानी से भर कर रात भर के लिए रख दीजिये. सुबह उठकर आप देखेंगे त्रिफला नीचे बैठ गया है और पानी ऊपर आ गया है. इस पानी को आप सुबह सुबह उठकर सबसे पहले मुंह में भरकर जोर जोर से पूरे मुंह में घुमाइए. अब या तो इस पानी को चाहें तो थूक दीजिये या फिर चाहें तो पी भी सकते हैं. क्योंकि यह पानी आपके पेट को सुचारू रूप से संचालित करने में बहुत सहायक है.

ग्लास के पूरे पानी का उपयोग कर चुके हैं तो इसमें दोबारा पानी डालकर दिन में एक बार फिर इस प्रक्रिया को दोहराया जा सकता है. मैं अक्सर इस पानी को पी जाती हूँ क्योंकि इससे शरीर की अतिरिक्त चर्बी कम होती है.

इस पानी को छानकर सुबह सुबह आँख धोने से आँखों की ज्योति भी बढ़ती है.

या चुटकी भर त्रिफला से आप रोज़ दो समय मंजन कीजिये. इससे भी आपके दांत और मसूढ़े मजबूत होते हैं.

माजूफल

माजूफल को तो दांतों का डॉक्टर ही कहा जाता है. इसको बारीक पीसकर एयर टाइट डिब्बे में रख लीजिये. जब भी मंजन करना हो इसके चुटकी भर पाउडर में दो बूँद सरसों का तेल लगाकर मसूढ़ों और दांतों पर मंजन कीजिये. दांतों की किसी भी तरह की बीमारी होगी, इससे ठीक हो जाएगी.

खाने का सोडा या ENO

स्वामी ध्यान विनय तो शुरू से कहते आये हैं सोडा में सेंधा नमक और सरसों का तेल मिलाकर मंजन कीजिये आपके दांत फिर से सफ़ेद हो जाएंगे. लेकिन जब दांतों में दर्द होता था तभी सारे इलाज याद आते थे. दर्द ठीक हुआ नहीं कि लापरवाही शुरू. फिर आज उन्होंने एक वीडियो दिखाया लीजिये जब हम कहते थे सोडा और सरसों तेल से दांत मान्जिये तब आपने नहीं सुना. लीजिये अब वीडियो देखिये सोडा की जगह लोग ईनो से दांत मांजने लगे हैं. ईनो में दो बूँद नारियल तेल मिलाकर दांत पर मंजन करने से पीले दांत सफ़ेद हो जाते हैं.

और उपरोक्त सारे इलाज आपको Time Consuming लगते हैं तो सबसे बढ़िया इलाज है रामदेव बाबा की कंपनी पतंजलि का दन्तकान्ति. हमारे घर में सबलोग अब इसीका उपयोग करते हैं. अब न मुझे दांतों के दर्द की कोई तकलीफ है ना Gum Bleeding की.

ये मुस्कान ही तो है जो आपके चेहरे को खूबसूरत बनाने में सबसे अधिक योगदान देती है. और ये मुस्कान ही है जो आपके चेहरे पर खिलती है तो सामने वालों के दिन भी खिल उठते हैं. तो अब मुंह छुपाकर नहीं, दिल खोलकर मुस्कुराइए.

लेकिन जैसा कि ” वज़न कम करने के अंतिम उपाय ” में मैंने आपको बताया है कि कैसे किसी वस्तु के गुण उस समय और अधिक प्रभावी हो जाते हैं जब आप उस पर पूरी आस्था रखते हैं. वही जादू यहाँ भी काम करेगा. यदि आप सारे इलाज करके थक चुके हैं, तो एक बार इसे अवश्य आजमाइए.

वज़न कम करने का अंतिम उपाय – 5 : यौवन लौटाता है Aloe vera

Comments

comments

loading...

LEAVE A REPLY