ठेंगे पर BCCI का बैन, किसी दूसरे देश की टीम से खेलेंगे श्रीसंत

नई दिल्ली. मैच फिक्सिंग के आरोप के चलते BCCI का आजीवन बैन झेल रहे तेज गेंदबाज एस श्रीसंत ने इसका तोड़ खोज निकाला है. इसके लिए श्रीसंत BCCI को ठेंगा दिखाते हुए किसी दूसरे देश की टीम से क्रिकेट खेलेंगे क्योंकि क्रिकेट की अंतर्राष्ट्रीय गवर्निंग बॉडी ICC ने उन पर कोई बैन नहीं लगाया है.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार श्रीसंत ने कहा है कि BCCI ने उन पर बैन लगाया है, ICC ने उनपर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है. ऐसे में वह किसी दूसरे देश की टीम से खेलने के लिए स्वतंत्र हैं. श्रीसंत ने कहा कि वह फिलहाल 34 साल के हैं और छह साल और क्रिकेट खेल सकते हैं. उन्होंने कहा, ‘जो लोग क्रिकेट पसंद करते हैं मैं उनके लिए खेलना चाहता हूं.’

आजीवन प्रतिबंध से नाराज एस श्रीसंत ने BCCI की ओर से लगाए आजीवन प्रतिबंध को दोबारा बहाल करने के केरल हाई कोर्ट के फैसले को अब तक का सबसे बदतर फैसला करार दिया है.

श्रीसंत ने हाई कोर्ट की खंडपीठ के फैसले के बाद अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा था, ‘यह अब तक का सबसे बदतर फैसला है… मेरे लिए विशेष नियम, असली गुनहगारों का क्या. चेन्नई सुपरकिंग्स का क्या हुआ और राजस्थान का.’

श्रीसंत ने कहा कि वह अपना संघर्ष नहीं छोड़ेंगे. श्रीसंत ने अपने प्रशंसकों को समर्थन के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि वह अपनी लड़ाई जारी रखेंगे. उन्होंने लिखा, ‘अब तक दिए समर्थन और उत्साहवर्धन के लिए सभी को धन्यवाद. मैं आश्वासन देता हूं कि मैं हार नहीं मानूंगा.’

श्रीसंत ने कहा, ‘मेरे पास सिर्फ मेरा परिवार और कुछ करीबी लोग हैं जो अब भी मेरे ऊपर विश्वास करते हैं. मैं संघर्ष जारी रखूंगा और सुनिश्चित करूंगा कि मैं हार नहीं मानूं.’ श्रीसंत ने आगे लिखा, ‘और लोढ़ा समिति की रिपोर्ट के 13 आरोपियों का क्या. कोई इसके बारे में जानना नहीं चाहता. मैं अपने अधिकार के लिए संघर्ष जारी रखूंगा. भगवान महान है.’

इस बीच मीडिया से बात करते हुए केरल क्रिकेट संघ के सचिव जयेश जार्ज ने कहा कि केसीए श्रीसंत का समर्थन कर रहा था. उन्होंने कहा, ‘हमने उसेक पूर्ण फिटनेस टेस्ट से गुजरने का इंतजाम किया है और उसे मैच फिट बनाने का भी. इस फैसले के साथ हमें इसका सम्मान करना होगा.’

केरल हाई कोर्ट की खंडपीठ ने 2013 आईपीएल स्पाट फिक्सिंग प्रकरण के संदर्भ में क्रिकेटर एस श्रीसंत पर BCCI की ओर से लगाए गए आजीवन प्रतिबंध को बहाल कर दिया. मुख्य न्यायाधीश नवनीति प्रसाद सिंह और न्यायमूर्ति राजा विजयराघवन की पीठ ने एकल न्यायाधीश की पीठ के खिलाफ बीसीसीआई की याचिका पर यह फैसला सुनाया.

उल्लेखनीय है कि न्यायमूर्ति ए मोहम्मद मुश्ताक की एकल पीठ ने 34 साल के तेज गेंदबाज श्रीसंत पर लगा आजीवन प्रतिबंध हटा दिया था. श्रीसंत, अंकित चव्हाण और अजित चंदीला सहित स्पाट फिक्सिंग मामले में सभी 36 आरोपरियों को जुलाई 2015 में पटियाला हाऊस अदालत ने आपराधिक मामले से बरी कर दिया था.

केरल हाई कोर्ट की खंडपीठ ने कहा कि क्रिकेट के खिलाफ प्राकृतिक न्याय का उल्लंघन नहीं हुआ है और श्रीसंत के पक्ष में आए एकल पीठ के आदेश को रद्द कर दिया. BCCI ने अपनी अपील में कहा था कि इस क्रिकेटर पर प्रतिबंध लगाने का फैसला उसके खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर लिया गया था.

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