बहुत सही जा रही है उप्र सरकार, इसी तरह पीतल भरते रहो योगी जी

सुमित गूजर एनकाउंटर के विरोध में महापंचायत

उत्तर प्रदेश में हाहाकार मचा है. भगवा आतंकी का गिरोह रोज़ाना सुबह लूटपाट करने निकल जाता है. मेरे गांव गिरांव, मेरे जिले गाज़ीपुर की रिपोर्ट ये है कि हमसे 5-7 किलोमीटर दूर एक गांव है मिर्ज़ापुर… आज से तीन दिन पहले एसडीएम ने एक ‘बेचारे गरीब’ भू माफिया किसान की 11 बीघा खड़ी तैयार धान की फसल ट्रेक्टर से जुतवा दी.

‘गरीब किसान’ भू माफिया पिछले 20 साल से ग्राम समाज की भूमि गौचर, खेल का मैदान इत्यादि पर नाजायज कब्जा करके उस पर खेती कर रहा था. सरकार ने राजस्व अधिकारियों, लेखपाल, कानूनगो को भेज के ज़मीन नपवाई और खड़ी फसल जुतवा के ज़मीन पर वापस सरकार का कब्ज़ा ले लिया.

इसी तरह एक और गांव में भी सुनते हैं कि 35 बीघा ज़मीन खाली कराई गई है. पूरे इलाके में हर गांव में पैमाइश कर सरकारी ज़मीनों से अवैध कब्ज़े खाली कराए जा रहे हैं. इसके अलावा आज ही के अखबार में छपा है कि हमारे सादात ब्लॉक के 19 गांवों के ग्राम प्रधानों पर गंभीर आरोप हैं भ्रष्टाचार के, और उन पर जांच शुरू हो गयी है. उन 19 में एक हमारा गांव माहपुर भी है.

उधर योगी सरकार ने नोएडा में परम आदरणीय, प्रातः स्मरणीय, गुर्जर हिरदे सम्राट, युवा ऊधमी, महामना, श्री श्री 1008 श्री सुमित गुर्जर जी के पिछवाड़े में पीतल भर दिया और शरीर में पीतल का आधिक्य हो जाने के कारण उनकी इहलीला समाप्त हो गयी और वो परलोक सिधार गए.

अब पश्चिमी ऊपी में चिहाड़ मची है… इतना धर्मात्मा किसिम का लौंडा मार दिया… गूजरों की शान था… महान था… उधर पुलिस कहती है कि 20 दिन पहले नोएडा में जो करोड़ो की लूट हुई थी और उसमें दो हत्याएं भी हुई थी, वो महात्मा सुमित गुर्जर जी ने ही की थी, सो पुलिस ने उठाया और पीतल भर दिया.

पूरे पश्चिमी यूपी में जो माफियागिरी का राज पिछले 30 साल से चल रहा है उसमें 90% हिस्सा इन्ही गुर्जर माफियाओं का है. इसकी शुरुआत 80 के दशक में महेंद्र सिंह भाटी नामक एक गुर्जर माफिया नेता से हुई थी जो आज तक चली आयी है और इस माफिया-नेता गठजोड़ ने महेंद्र सिंह भाटी से ले के ये ताज़ा सुमित गुर्जर तक सैकड़ों हज़ारों गुंडे बदमाश माफिया पैदा किये.

पिछले 20 साल सपा-बसपा के प्रश्रय में तो ये फलते फूलते रहे पर अब योगी शासन ने एक-एक को पकड़ के पिछवाड़े में पीतल भरना शुरू किया है.

चार दिन पहले सपा की पूरी लीडरशिप महात्मा सुमित गुर्जर जी की सहानुभूति में आंसू बहाती हुई महामहिम राज्यपाल से मिलने गयी थी कि ये देखो, योगी जी इतने शरीफ महात्मा धर्मात्मा लौंडे को मार दिए…

सुमित गूजर की तेरहवीं पर बाकायदा गुर्जर समाज की महापंचायत हुई जिसमें पूरी सपा, बसपा, भाजपा और रालोद की स्थानीय लीडरशिप जुटी, जिसमें भाजपा सांसद हुक्म सिंह कैराना वाले, चरण सिंह के बेटे अजीत सिंह के चश्मो चिराग जयंत चौधरी, अवतार सिंह भड़ाना, वीरेंद्र सिंह गुर्जर, युवा सपा नेता अतुल प्रधान, और राज्य सभा सांसद सुरेंद्र नागर जैसे नेता उस तेरहवीं / महापंचायत में जुटे और इन सबने महात्मा सुमित गुर्जर के ‘फ़र्ज़ी एनकाउंटर’ की CBI जांच की मांग की है और उसे शहीद का दर्जा दे के 50 लाख रु मुआवजे की मांग भी की है.

पश्चिमी उत्तर प्रदेश का पूरा गुर्जर समाज एक गुंडे माफिया के एनकाउंटर पर उद्वेलित है और सड़कों पर उतारने को लालायित है. जिस समाज के पास आदर्श महापुरुषों और युवा प्रतीकों की कमी हो जाती है वो ऐसे ही गुंडे बदमाश चोर लुटेरों, डाकुओं माफियाओं में ही नायक खोजने लगता है. पर इतना तय है कि योगी सरकार बहुत सही जा रही है. योगी जी, इसी तरह पीतल भरते रहो…

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