उस पाकिस्तानी से मुलाकात के बाद राजीव गांधी ने क्यों रोक दी थी स्विस बैंक के खिलाफ कार्रवाई

1986 में तत्कालीन वित्तमंत्री वीपी सिंह ने विदेशी जांच एजेंसी फेयरफैक्स को भारतीयों की विदेशों में जमा कालेधन/ अवैध कमाई का पता लगाने की जिम्मेदारी आधिकारिक रूप से सौंपी थी. फेयरफैक्स ने जांच प्रारम्भ करने के कुछ समय बाद स्विट्ज़रलैंड स्थित एक बैंक BCCI जिसका मालिक एक पाकिस्तानी था, के माध्यम से हो रहे गड़बड़झाले की शिकायत वीपी सिंह से की थी.

इसके परिणामस्वरूप वीपी सिंह ने CBI को BCCI की जांच का दायित्व सौंपा था. अपनी प्रारंभिक जांच के बाद ही CBI ने मुम्बई स्थित BCCI की ब्रांच पर छापा मारकर उसके कुछ मैनेजरों को गिरफ्तार कर लिया था तथा BCCI की मुम्बई ब्रांच को सील कर दिया था. रोचक तथ्य यह है कि उस समय भारत मे बैंक BCCI का मुखिया एक पाकिस्तानी था.

जिस दिन BCCI की मुम्बई ब्रांच पर छापा मारकर CBI ने उसके मैनजरों को गिरफ्तार किया तथा ब्रांच को सील किया, उसी दिन भारत में BCCI का वह पाकिस्तानी मुखिया एक बड़ा ब्रीफकेस लेकर तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी से मिलने गया. BCCI के पाकिस्तानी मुखिया की तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी से हुई उस मुलाक़ात के केवल 48 घण्टों के भीतर ही मुम्बई स्थित BCCI की वह ब्रांच जिसे CBI ने सील किया था, वह ब्रांच फिर से खुल गयी. CBI द्वारा गिरफ्तार किए गए BCCI के मैनेजरों को तत्काल छोड़ दिया गया था. स्विस बैंक BCCI के खिलाफ चल रही CBI की जांच कार्रवाई तत्काल रोक दी गयी थी. वीपी सिंह को वित्तमंत्री के पद से हटाकर रक्षामंत्री बना दिया गया था.

यह जानकारी फेयरफैक्स के तत्कालीन CEO रहे तथा वर्तमान में इंटरपोल के वरिष्ठतम अधिकारी के रूप एक महत्वपूर्ण वैश्विक दायित्व सम्भाल रहे माइकेल हर्शमेन ने रिपब्लिक चैनल को आज दिए गए अपने इंटरव्यू में उजागर की है.

क्या सोनिया गांधी/ राहुल गांधी की जोड़ी और उनकी कांग्रेसी फौज देश को यह बताएगी कि उस स्विस बैंक और भारत में उसके मुखिया पाकिस्तानी से राजीव गांधी के क्या और कैसे सम्बन्ध थे. तथा उस पाकिस्तानी से मुलाकात के बाद राजीव गांधी ने स्विस बैंक के खिलाफ कार्रवाई क्यों बन्द कर दी थी…???

अंत में यह उल्लेख भी आवश्यक है कि जिस स्विस बैंक BCCI पर राजीव गांधी इतना मेहरबान हो गए थे, उस BCCI बैंक की विश्व भर में फैली सभी ब्रान्चों को 5 जुलाई 1991 को इसलिए बन्द कर दिया गया था क्योंकि उसके खिलाफ हुई अंतरराष्ट्रीय जांच में यह उजागर हुआ था कि BCCI बैंक कोलंबियन ड्रग माफिया के लिए हवाला कारोबार कर रहा था.

माइकेल हर्शमेन का पूरा इंटरव्यू देखिए सुनिए. इस इंटरव्यू में हर्शमेन ने बोफोर्स घूसकांड में राजीव गांधी की भूमिका की बखिया उधेड़कर रख दी है.

उल्लेखनीय है कि BCCI बैंक का मालिक एक पाकिस्तानी आगा हसन आबिदी था. यह समझ लीजिए कि BCCI एक तरह से पाकिस्तानी बैंक ही था.

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