मारिया शारापोवा की विजयी वापसी, प्रतिबंध ख़त्म होने के बाद जीता पहला WTA खिताब

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तिआनजिन. रूस की अनुभवी टेनिस खिलाड़ी मारिया शारापोवा ने प्रतिबंध काल समाप्त होने के बाद टेनिस कोर्ट में वापसी पर पहला डब्ल्यूटीए खिताब जीता है. शारापोवा ने चीन में आयोजित तिआनजिन ओपन के फाइनल में अरेना साबालेंका को मात देकर खिताबी जीत हासिल की.

शारापोवा ने अपना अंतिम खिताब मई 2015 में जीता था. रूस की 30 वर्षीय टेनिस खिलाड़ी शारापोवा ने महिला एकल वर्ग के फाइनल में बेलारूस की 19 वर्षीया खिलाड़ी साबालेंका को 7-5, 7-6 (10-8) से मात देकर तिआनजिन ओपन जीता.

पूर्व शीर्ष विश्व वरीयता प्राप्त खिलाड़ी मारिया शारापोवा को प्रतिबंधित दवा के सेवन के आरोप में प्रतिबंधित कर दिया गया था. इसके बाद टेनिस में वापसी पर उनकी व्यापक स्तर पर आलोचना हुई थी. आलोचकों की इस सूची में उनकी साथी खिलाड़ी युजीनी बुचर्ड का नाम शामिल था. कनाडा की टेनिस खिलाड़ी बुचर्ड ने कहा था कि शारापोवा को टेनिस में वापसी की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए.

शारापोवा ने 15 माह के प्रतिबंध की सजा को पूरा कर अप्रैल में टेनिस कोर्ट में वापसी की थी. इस वापसी के बाद तिआनजिन ओपन के रूप में अपना पहला खिताब जीता है. मारिया शारापोवा को इस साल फ्रैंच ओपन ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट में वाइल्ड कार्ड प्रवेश देने के लिए मना कर दिया गया था. उन्होंने चीन में आयोजित हुए तिआनजिन ओपन में वाइल्ड कार्ड के जरिए प्रवेश किया था.

हालांकि एक इंटरव्यू में शारापोवा ने इन बातों को खारिज करते हुए कहा कि वह इन आरोपों को काफी पीछे छोड़ आई हैं. बुचर्ड के बयान पर मारिया शारापोवा ने कहा, “मुझे लगता है कि इस प्रकार की टिप्पणियों का कोई तथ्य नहीं होता और इसलिए, मैं इन्हें महत्व नहीं देती. इस प्रकार की बातें सुर्खियों में हैं और आगे भी रहेंगी.”

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