बेकाबू हुआ Chinese space station Tiangong-1: कभी भी, कहीं भी गिर सकता है धरती पर

Tiangong 1

Chinese space station Tiangong-1 अर्थात स्वर्ग का महल (एक) अब आसमान से टूट कर जमीन की ओर खिंचा चला आ रहा है. www.n2yo.com नामक तकनीकी साइट में दर्शाये गए चीनी स्टेशन के आंकड़ों के हिसाब से विगत जून 2016 में यह लगने लगा था कि चीनी अन्तरिक्ष स्टेशन अपनी परिधि से अब नीचे उतरता जा रहा है. साढ़े आठ टन वज़न के इस अन्तरिक्ष स्टेशन को चीन ने 2011 में परिधि में स्थापित किया था. 2012 में इसमें चीनी प्रथम महिला अन्तरिक्ष यात्री लियू यंग ने सैर की थी.

अब चीन की सरकार ने संयुक्त राष्ट्र संघ में जानकारी देकर यह स्वीकार किया है कि चीन का यह अन्तरिक्ष स्टेशन अक्टूबर 2017 के आखिरी सप्ताह से लेकर अप्रेल 2018 के बीच कभी भी वायुमण्डल में प्रवेश करके जलते जलते जमीन पर आ सकता है.

वैज्ञानिकों का अनुमान है कि Chinese space station Tiangong-1 का 90 फीसदी हिस्सा वायुमण्डल में जल जाएगा. वैज्ञानिकों का अनुमान है कि Chinese space station Tiangong-1 का लगभग दो क्विन्टल से अधिक का भाग बगैर जला धरती पर आकर टकरायेगा. 80 किलोमीटर चौड़ी पट्टी में 600 किलोमीटर लम्बे भूभाग में इसके आग में सुलगते हजारों टुकड़े समुद्र और रिहायशी इलाकों में कहीं भी दुनिया के किसी भी इलाके में गिर सकते हैं.

आसमान से टूटते इस विशाल स्टेशन पर इस समय चीन के वैज्ञानिकों का कोई नियन्त्रण नहीं है. इस समय यह धरती से 300 किलोमीटर की ऊंचाई पर है. पर इसकी ऊंचाई बहुत तेजी से कम होती जा रही है. पृथ्वी पर कहाँ गिरेगा कोई नहीं कह सकता. धरती पर टकराने के मात्र तीन दिन पहले अनुमान लगाया जा सकता है कि यह किस जगह आ रहा है.

हारवर्ड विवि के वैज्ञानिक Jonathan McDowell इस खतरनाक आग के जलकर गिरने वाले पिंड पर नजर रखे हुए हैं. 1991 में रूस का 20 टन वजनी सेल्युत -7 भी इसी प्रकार ज़मीन पर आया था. अरजेन्टाइना के शहर केपीटन बरमोझ में उपग्रह Cosmos 1986 के जलते हुए टुकड़े भी ऐसे ही गिरे थे. 1979 में अमेरिका की 77 टन भारी स्काई लेब ने जब जमीन चूमी थी तो भारी हो हल्ला मच गया था.

अब Chinese space station Tiangong-1 पर किसी तरह का कोई कन्ट्रोल नहीं है, ऐसे में यह कहाँ गिरेगा कितना नुकसान करेगा, क्या कोई जनहानि होगी या नहीं, चल अचल सम्पति को कोई नुकसान होगा या नहीं यह सब प्रश्न आज की तारीख में अनबूझी पहेली ही हैं.

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