कारोबारियों और आम आदमी को राहत, GST Council की बैठक के बाद बोले जेटली

नई दिल्ली. GST Council की बैठक से आज व्यापारी वर्ग को बड़ी राहत मिली है. छोटे व्यापारियों को बड़ी राहत देते हुए 1.5 करोड़ तक के टर्नओवर वाले व्यापारियों को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया है. GST Council ने ज्वैलर्स को राहत देते हुए 50,000 रुपये तक के जेम्स, ज्वैलरी की खरीद पर पैन देने का नियम हटा दिया है. अब 2 लाख रुपये तक के जेम्स, ज्वैलरी, प्रीशियस स्टोन की खरीदारी करने पर ही पैन कार्ड या पैन नंबर दिखाना होगा.

उल्लेखनीय है कि इसी सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टेड अकाउंटेट (ICAI) के कार्यक्रम में कहा था कि जीएसटी में अगर कोई भी दिक्कतें आ रही हैं तो उनको बदला जाएगा. इसके बाद जीएसटी ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (जीओएम) के चेयरमैन सुशील मोदी ने भी संकेत दिए थे कि स्मॉल ट्रेडर्स को तिमाही आधार पर रिटर्न भरने की सुविधा दिए जाने की सिफारिश की जाएगी.

वित्तमंत्री अरुण जेटली की अगुवाई वाली GST Council ने जीएसटी में कई अहम बदलाव किए. शुक्रवार को दिन भर चली GST Council की बैठक के बाद रात 8 बजे वित्तमंत्री ने प्रेस को इस बारे में ब्रीफ किया. जेटली ने कहा कि ज्वैलरी कारोबार को मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट यानी पीएमएलए के दायरे से बाहर कर दिया गया है.

जीएसटी में बदलाव के बाद अब 2 लाख रुपये तक की ज्वैलरी की खरीदारी पर पैन देना जरूरी नहीं होगा. पहले 50 हजार रुपये से ज्यादा की खरीदारी पर PAN देना अनिवार्य था. सबसे बड़ी राहत ये है कि अब एक ही फॉर्म से जीएसटी फाइल की जा सकेगी. साथ ही रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म को मार्च 2018 तक स्थगित कर दिया गया है.

उन्होंने बताया कि अब हर 3 महीने में रिटर्न फाइल करने की व्यवस्था पर सहमति बन गई है. 1.5 करोड़ रुपये टर्नओवर पर हर 3 महीने में रिटर्न भरनी होगी. इसके साथ ही कंपोजिशन स्कीम की सीमा 75 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये कर दी गई है.

निर्यातकों को 6 महीने के लिए राहत देते हुए जेटली ने बताया कि 6 महीने बाद हर एक निर्यातक को ई-वॉलेट मिलेगा. ई-वॉलेट सिस्टम 1 अप्रैल 2018 से पूरी तरह लागू हो जाएगा. इस व्यवस्था को एक कंपनी विकसित करेगी. निर्यातकों को 10 अक्टूबर से टैक्स रिफंड किया जाएगा. वित्तमंत्री ने कहा कि निर्यात पर 0.1 प्रतिशत का जीएसटी लागू है.

जेटली ने कहा कि एक करोड़ से ज्यादा टर्नओवर और एसी चार्ज वाले रेस्टोरेंट जो 18 प्रतिशत जीएसटी के दायरे में आते हैं. वित्तमंत्री ने कहा कि रेस्त्रां के टैक्स सिस्टम में बदलाव किया गया है. अब मालिकों को 5 प्रतिशत टैक्स देना होगा.

आम आदमी को राहत

इसके अलावा आम आदमी से जुड़ी कई वस्तुओं पर जीएसटी की दरों में कमी का ऐलान करते हुए जेटली ने कहा कि आम, खाखरा और आयुर्वेदिक दवाओं पर जीएसटी की दर 12 से 5 फीसदी की गई है. स्टेशनरी के कई सामान पर जीएसटी 28 से 18 प्रतिशत कर दी गई है. हाथ से बने धागों पर जीएसटी 18 से 12 प्रतिशत कर दी गई है.

जेटली ने कहा, प्लेन चपाती पर जीएसटी 12 से 5 प्रतिशत कर दी गई है. आईसीडीएस किड्स फूड पैकेट पर जीएसटी 18 से 5 प्रतिशत की गई है. अनब्रांडेड नमकीन पर 5 प्रतिशत जीएसटी की दर लागू होगी. यही दर अनब्रैंडेड आयुर्वेदिक दवाओं पर भी लागू होगी. डीजल इंजन के पार्ट्स पर अब 18 फीसदी जीएसटी लगेगी. साथ ही दरी (कारपेट) पर जीएसटी की दर को 12 से 5 प्रतिशत कर दिया गया है.

Comments

comments

loading...

LEAVE A REPLY