मोदी की निगाहें, असली तैयारी ओलंपिक्स के लिए है जो 2019 में होंगे

Sports performance का एक नियम है. Performance हमेशा peak पर नहीं रहती. वो ऊपर नीचे होती है. जब एक बार peak पर आ जाती है तो वहां कुछ समय के लिये टिकती है फिर धीरे धीरे नीचे आने लगती है. कोई लाख कोशिश कर ले, कितनी भी training कर ले, उसे नीचे आना ही है.

अब coach के सामने ये समस्या रहती है कि वो अपने खिलाड़ी की performance को ठीक समय पर, ठीक उसी समय peak पर लाये जब Competition हो. समय से पहले या बाद में peak पर आयी तो उसका क्या फायदा.

एक peak के बाद आप सीधे दूसरी peak पर नही चढ़ सकते. उसके लिए पहले आपको नीचे उतरना पड़ता है. performance में जब आप एक peak हासिल कर लेते हैं तो गुरु, उस्ताद, coach आपकी Training और Schedule में change करके, जान बूझ के आपकी performance को थोड़ा down करता है. खिलाड़ी कुछ दिन का Active break लेता है. हफ्ते दस दिन की छुट्टी ले के घूम आता है. मौज मस्ती कर लेता है. इन छुट्टियों में वो कोई Hard Training नही करता. सिर्फ Warm Up करेगा, हल्का फुल्का कोई entertainment game खेलेगा. फिर अगले 25 – 30 दिन Off Season Training करेगा. इस से उसकी performance Peak से थोड़ी नीचे आ जाती है. फिर वो नए season की तैयारी शुरू करता है.

इस Active Rest और Off Season Training से उसकी body Rejuvenate हो जाती है. Body की छोटी मोटी injuries, pain और Wear n Tear का रिपेयर हो जाता है. फिर जब वो पूरे Schedule को follow करते हुए Cometition Season की तैयारी करता है तो नई peak हासिल करता है.

पिछले दिनों जब मशहूर TV Artist कपिल शर्मा समस्याओं में घिरे हुए थे, तो मैंने टिप्पणी की थी कि कपिल ने गलती ये की है कि जब उनका show अपनी लोकप्रियता के peak पर था तो वहां उनको एक Break लेना चाहिए था. फिर डेढ़ दो महीने का rest ले के एक नए Season में नए Format और नई ऊर्जा के साथ पुनः आना चाहिए था. उन्होंने Break न ले के गलती की और अपनी लोकप्रियता की peak को maintain नहीं कर पाए. और जब TRP गिरने लगी तो दबाव Stress में आ गए, दारू पी के ऊल जुलूल हरकतें करने लगे. मुझे नहीं पता कि कपिल शर्मा का mentor सलाहकार कौन है. पर उन्हें अपने career को ज़्यादा professional तरीके से manage करने की ज़रूरत है.

कुछ यही परिदृश्य आजकल देश मे मोदी जी की लोकप्रियता को लेकर भी है. लोकप्रियता भी Performance की तरह ही है. वो भी हमेशा peak पर नही बनी रह सकती. उसका ऊपर नीचे आना बिल्कुल natural है. लोकप्रियता की peak के बाद भी नई peak हासिल करने के लिए आपको एक बार Active Rest ले के उसे नीचे ला के फिर ऊपर ले जाना होता है.

UP का अत्यधिक महत्वपूर्ण चुनाव जीतने के बाद मोदी ने Economy में कुछ कड़े कड़वे निर्णय लिए हैं. उनकी लोकप्रियता में थोड़ी सी कमी आना स्वाभाविक है. कड़े कड़वे फैसले लेना आसान नहीं होता. अभी मोदी का Off Season चल रहा है. पर निश्चिंत रहिये, मोदी जल्दी ही गुजरात और कर्नाटक चुनावों में फिर peak पर आएंगे. पर इतना याद रखिये. ये राज्यों के चुनाव तो छोटे मोटे local Tournaments जैसे हैं.

मोदी की असली निगाहें, असली तैयारी ओलंपिक्स के लिए है जो 2019 में होंगे.
अभी तो Off Season है जी.
peak पर परफॉरमेंस 2019 में आएगी.

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