केवल विद्यार्थियों के अभिभावकों के लिये : जो सीखेगा, वो टिकेगा

करीब 10 वर्ष पहले अपने जूनियर सहकर्मी के घर डिनर के बुलावे पर गया हुआ था.

उसकी 13-14 वर्ष आयु की लड़की ने प्रणाम किया.
मैंने पूछा तो उसने कहा 8वीं में गयी है.
परीक्षा में नंबर अच्छे नहीं मिले थे सो सहकर्मी अपना दुखड़ा रोने लगे, बोले – सर, इसके दिमाग में भूसा भरा है. इसे पढ़ाई कुछ भी याद नहीं रहती.

मैंने लड़की से पूछा – टीवी देखना अच्छा लगता है – तो उसने हाँ कहा.
मैंने पूछा – अपनी पसंद का कोई गाना सुना सकती हो?
लड़की ने एक फिल्मी गाना पूरा सुना दिया और बताया कि उसे और भी कई गाने याद है.
मैंने पूछा – सिंगर बनना चाहती हो?
लड़की ने कहा – नहीं बन सकती – आवाज़ खराब है.
मैंने पूछा – सिनेमा में काम करना है?
उसने कहा ऐक्टिंग नहीं आती.

मैंने कहा – कोशिश करो.
लड़की ने कहा – नहीं हो सकती.
मैंने पूछा – मम्मी से खाना बनाना सीख रही हो?
लड़की ने कहा – खाना बनाना अच्छा नहीं लगता.
तो मैंने कहा कि पढ़ना लिखना तुम्हे अच्छा लगता नहीं – सिंगर तुम बन नहीं सकती
तुम्हारे पिताजी पैसे वाले हैं नहीं.

एक अनपढ़ सामान्य शक्ल सूरत की लड़की बिना किसी भी गुण की – जिसे खाना बनाना भी नहीं आता – तुमसे शादी कौन करेगा?
फ़िर एक सबसे सरल काम करो – घर का झाड़ू पोछा बर्तन मांजना कपड़े धोना सीख लो
आजकल घर का काम करने वाली नौकरानियों की बहुत डिमाण्ड है.

मुझे मालूम था कि किसी युवावस्था को प्राप्त होती लड़की को यह बोलना कि उसकी शादी नहीं होगी – दिल पर बहुत बड़ी चोट पहुंचाना होता है लेकिन उसे मुग्धावस्था से बाहर निकालना जरूरी था.

लड़की रोने लगी तो मैंने दूसरी चाल चली.
मैंने पुचकारते हुए पूछा – बड़े घर में शादी करनी है और वहाँ रानी बन कर रहना है तो उस लड़की ने सुबकते हुए सिर हिलाया.
मैंने पास बुला कर पूछा – जब तुम मन लगा कर खूब पढ़ोगी – हमेशा टॉप आओगी – बड़ी हो कर नामी डॉक्टर वकील सीए या लेक्चरार बनोगी तभी तो बड़े बड़े घरों से तुम्हारा रिश्ता माँगने आयेंगे.

तभी तो हमारी बिटिया, रानी बन कर राज करेगी – तो ये सुन कर जवानी की दहलीज पर कदम रखने वाली लड़की के रुआंसे चेहरे पर मुस्कुराहट आयी.
बोली – लेकिन अंकल पढ़ाई में मन नहीं लगता.
मैंने कहा – ये तुम्हें चूज़ करना है कि झाड़ू पोछा करना है या रानी बन के राज करना है.
यदि रानी बनना है तो टीवी के नाच गाने देखना बंद करना पड़ेगा क्योंकि तुम्हारे गाने सुन कर कोई 5 पैसे भी नहीं देगा.

यह समझ लो कि मन लगता नहीं बल्कि लगाना पड़ता है – उसमें जिसमें फ़ायदा है.
मन लगाने का तरीका मैं बताता हूँ – अपनी किताबें लाओ.
सारे सब्जेक्ट्स की किताबें ले आयी.
मैंने पूछा – सबसे बोरिंग सब्जेक्ट कौन सा लगता है?
उसने कहा – मैथ्स.
मैंने कहा – ध्यान से सुनो – सिर्फ़ एक बार कहूँगा – दुबारा रिपीट नहीं करूंगा.
सुन कर याद रख लोगी तो जिन्दगी बदल जायेगी.

जिस भी सब्जेक्ट को – जैसे कि मैथ्स को बोरिंग समझती हो – तो उसकी किताब सामने रख कर आँखें बंद कर ध्यान लगा कर मन ही मन 15 मिनट आइ लव मैथ्स – आइ लव मैथ्स – आइ लव मैथ्स का जाप करो और खुद को बोलो – ऑटो सजेशन दो कि मैं जो भी पढूँगी वो मुझे याद हो जायेगा और मैं एक्ज़ाम में 100 आउट ऑफ 100 नम्बर लाऊँगी ऐसा करने से तुमने मैथ्स को दिमाग में घुसने से रोकने के लिए जो फ़ायरवॉल खड़ी की है – वो हट जायेगी.

मैंने कहा कि इस तरकीब का उदाहरण मैं खुद हूँ.
तुम्हारे पापा इंजीनियर हैं लेकिन मैं कॉमर्स पढ़ा हुआ इंजीनियरिंग कंपनी में सीनियर मैनेजर मार्केटिंग हूँ और जहाँ टेक्निकल प्रॉब्लम आती है वहाँ सॉल्व करने मुझे भेजा जाता है क्योंकि मैंने जो एक बार ध्यान लगा कर पढ़ लिया उसे दिमाग में सेव कर लेता हूँ – अपने काम से संबंधित निरंतर नयी इन्फॉर्मेशन से खुद को अपग्रेड भी करते रहता हूँ.

अभी कुछ दिन पहले पुराने सहकर्मी मिल गये – खुश हो कर बता रहे थे कि उनकी बिटिया ने पहली बार में ही सीए क्लियर कर लिया और अब एक अच्छी कम्पनी ने नौकरी पर बुला लिया है.
इसलिये – जो सीखेगा वो टिकेगा

– Anand G. Sharma

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