कितनी बड़ी है यूपीए सरकार के कुकर्मों की गठरी

Comptroller and Auditor General (CAG) of India (CAG) में जून 2015 तक डायरेक्टर जनरल (Audit P&T) रहे आरबी सिन्हा ने 2G घोटाले समेत टेलीकॉम सेक्टर के कई भ्रष्टाचार, घपलों-घोटालों की रिपोर्ट तैयार की थी.

सिन्हा रिपब्लिक न्यूज़ चैनल पर बता रहे हैं कि उनके नेतृत्व में उनकी 60-70 सदस्यीय टीम द्वारा तैयार की गई लाखों करोड़ रूपये के घपलों घोटालों की वो 11 रिपोर्टें संसद में पेश ही नहीं की गईं जिन्हें 2013 के शीतकालीन संसद सत्र में संसद के माध्यम से देश के समक्ष रख जाना था.

वो यह भी बता रहे हैं कि उन रिपोर्टों के साथ बुरी तरह से अनर्गल अराजक छेड़छाड़ बदलाव भी किए गए. एक उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि एयरसेल मैक्सिस घोटाले की जो 70 पेज की रिपोर्ट उनकी टीम ने तैयार की थी उसे कांट छांट कर केवल 10 पेज की कर दिया गया.

यहाँ तक कि उसमें से घोटालों के जिम्मेदार लोग, जिम्मेदार कम्पनियों और सरकार को हुए नुकसान की राशि को हटा दिया गया. इसके बाद भी CAG ने अब तक उन 11 में से केवल 6 रिपोर्टें ही प्रकाशित की हैं. शेष 5 रिपोर्टें अभी भी उजागर नहीं की गई हैं.

ध्यान रहे कि 2G से भी बड़े एयरसेल मैक्सिस घोटाले में यूपीए सरकार में वित्त मंत्री रहे पी चिदम्बरम और उनके पुत्र कार्ति चिदंबरम की संलिप्तता की चर्चा जोरशोर से होती रही है.

आरबी सिन्हा ने बहुत स्पष्ट शब्दों में बताया कि इसकी वजह पूछे जाने पर CAG ने उन्हें बताया था कि ऊपर से बहुत दबाव है. कुछ मंत्रियों के फोन आ रहे हैं.

आरबी सिन्हा द्वारा आज उजागर इस शर्मनाक सच्चाई की वजह क्या है यह आप इस तथ्य से समझिये कि…

मई 2013 में CAG विनोद राय के रिटायरमेंट के बाद कांग्रेस नेतृत्व वाली UPA सरकार चौकन्नी हो गयी थी. विनोद राय से उसे झटका लग चुका था. अतः उसने बहुत सोच समझकर शशिकांत शर्मा को CAG बनाया था.

बीती 25 सितम्बर 2017 को शशिकांत शर्मा रिटायर हुए हैं. अर्थात 2014 में देश में सरकार भले बदल गयी लेकिन कुछ दिन पहले तक CAG पर कब्ज़ा कांग्रेस का ही था.

शशिकांत शर्मा को CAG क्यों बनाया गया था. इसका अनुमान आरबी सिन्हा की बातों से आसानी से लगाया जाता है.

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