वो डाल-डाल ये पात-पात

अभी राहुल राहुल गांधी अमेरिका गए थे. वहां से उन्होंने कई इमेज मेकिंग कंपनी, पीआर एजेंसी, कैम्पेनिंग ग्रुप हायर की हैं. अब ऎसी डील के बारे में सुनाई पड़ा है कि वे सोशल मीडिया पर गांधी घराने की इमेज बिल्ड तो करेगी, साथ ही मोदी और भाजपा की इमेज भी खराब करेंगी. साथ ही वे भाजपा और हिंदुत्व समर्थकों को भी टारगेट पर लेंगी.

यह सब 2019 के चुनावों के मद्देनज़र किया जाने वाला है. पिन-प्वांइट यानी पर्सन टू पर्सन टच में यह कंपनियां माहिर होती ही हैं. उनका खासा नेटवर्क है. वे सोशल साइट्स को उपयोग करने में कुशल होती है.

कांग्रेस तो खुद भी एक कम्पनी ही है न! कोई कार्यकर्ता या विचारधारा या कार्यकर्ता बेस्ड पार्टी तो है नहीं जो हम जैसे लोग वहां जान खपायें. अब उसके गिरोह के तमाम कारपोरल, पत्रकार, फिल्म वाले, साहित्य वाले खवैये इन कंपनियों के मॉध्यम से आगे आने वाले हैं.

इसमें फेसबुक, लिंक्डइन, इन्स्टाग्राम, ट्विटर का इस्तेमाल जम कर होने वाला है. आपको शायद पता ना हो, फेसबुक भारत से हर साल लाखों करोड़ रुपये की कमाई करता है. अगर ये कहें कि भारत ही फेसबुक की कमाई का सबसे बड़ा जरिया है तो गलत नहीं होगा.

जब फेसबुक शुरू-शुरू में आया था तो इस पर सब कुछ फ्री था लेकिन अब सब कुछ पेड है. पहले फेसबुक सिर्फ दोस्त बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता था, यानी पहले फेसबुक सोशल नेटवर्किंग साईट थी लेकिन अब बिजनेस साईट बन चुकी है. दुनिया भर के बिजनेस फेसबुक से किये जा रहे हैं.

भारत के लाखों बिजनेस के फेसबुक पर पेज हैं, इसके अलावा नेताओं और समाज सेवकों के पर्सनल पेज भी हैं. हर कोई फेसबुक पर अपना बिजनेस प्रमोट करता है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग उनके पेज को Like करें, उनके बिजनेस से जुड़ें और उनकी पहचान बढ़ें.

इस काम के लिए बाकायदा कई बड़ी कम्पनियां होती हैं, वे अपने सॉफ्टवेयर से लाखों फेक प्रोफाइल बना डालती है, फिर उन सॉफ्टवेयर के सहारे बड़ी हस्तियों का पेज लाइक करवा कर कद बढ़वाया जाता है. हम आप जो 100-50 लाइक देखकर निहाल होने लगते हैं, इसी फेसबुक पर कुछ बड़कवा लोगन के लाइक देख लें दंग रह जायंगे.

भारत के लाखों नेताओं ने भी फेसबुक पर अपना पेज बना रखे हैं जिनके प्रमोशन या Like बढ़ाने के लिए हर महीना लाखों रुपये खर्च करते हैं. हर कोई चाहता है कि उनके लाखों, करोड़ों फैन हों, इसके चक्कर में वे फेसबुक पर अकूत पैसा खर्च करते हैं.

अब तक फेसबुक पर 90 फ़ीसदी पैसा कालाधन या अन-अकाउंटेड होता था. मतलब यह पैसा लोग इनकम टैक्स विभाग से छिपाकर खर्च करते थे. ऐसे लोगों से फेसबुक पैसा कमा लेता था लेकिन इस पर मोदी सरकार को कोई टैक्स नहीं मिलता था. मतलब सारी की सारी कमाई फेसबुक करता था.

अब मोदी सरकार ने सभी पेज को GST रजिस्ट्रेशन के लिए अनिवार्य कर दिया है. यानी अब फेसबुक पर बिजनेस पेज चलाने वाले लोगों को अपना GST नंबर देना होगा, जो लोग ऐसा नहीं करेंगे उनके पेज को या तो ब्लॉक कर दिया जाएगा या उनकी पोस्ट को ब्लॉक कर दिया जाएगा. उनकी पोस्ट किसी के पास पहुँच ही नहीं पाएगी.

यह पॉलिसी न्यूज़ सर्विस वाले पेजों पर भी लागू होगी. मतलब अब सभी न्यूज़ पोर्टल को भी GST नंबर लेना पड़ेगा वरना कुछ दिन बाद उनका भी पेज ब्लॉक कर दिया जाएगा. कई लोगों का ब्लॉक किया जा चुका है. हालाँकि GST नंबर देने के बाद उन्हें फिर से अन-ब्लॉक कर दिया जाएगा.

अब आप खुद सोचिये, फेसबुक पर करोड़ों लोगों के पेज हैं, उनके लाखों-करोड़ों लाइक हैं, अगर उन्होंने GST नहीं दिया तो उनके LIKE बेकार चले जाएंगे क्योंकि उन्होंने लाखों करोड़ों रूपए Like बढ़ाने में खर्च किये हैं. उनकी पोस्ट किसी को पहुँच ही नहीं पाएगी. अगर करोड़ों लोग GST रजिस्ट्रेशन करा लेंगे तो सरकार को हर साल लाखों करोड़ की कमाई बढ़ जाएगी. फेसबुक भी जितना पैसा कमाएगा, उसमें से मोदी सरकार को GST से हजारों करोड़ रुपये मिलेंगे.

ये सब जान कर साफ़-साफ़ लगता है कि मोदी भी कम नही है. लगाओ विदेश जाकर पैसा, इस्तेमाल करो विदेशी लिंक, जीतने की रणनीति बनाओ, पर फेक एकाउंट के साथ टैक्स भी चुकाओ. अच्छा है, हमें तो तुम्हारे पैसे से ही देश को सुसज्जित करना है.

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