कल अमेरिका के हाथों बिका, आज चीन के हाथों में खेल रहा पाकिस्तान

कुछ दिन पहले यूनाइटेड नेशंस में भारत पाकिस्तान में शो-डाउन हुआ था. सुषमा जी ने पाकिस्तान को टेररिस्तान बताया तो पाकिस्तान की मलीहा लोधी ने भारत को आतंकवाद की माँ. मलीहा लोधी ने भारत को कश्मीर में स्टेट टेरर यानी शासकीय आतंक फ़ैलाने का जिम्मेदार बताया.

उन्होंने महान लेखिका, बुकर प्राइज़ विनर अरुंधति राय के बयान का जिक्र किया कि भारत में फासिस्ट मोदी सरकार है और यूपी में फैनेटिक योगी सरकार है. उन्होंने तमाम सेक्युलर, लिबरल लोगों का जिक्र किया जो भारत में हैं और कह रहे हैं कि मोदी सरकार में आदिवासी, दलित, और मुस्लिम लोगों का जीना मुहाल है. डर का माहौल है.

कुल मिलाकर उन्होंने भारत पर ही आतंकवादी देश होने का आरोप लगाया और सबूत में हमारे महान सेकुलर लिबरल लेखक पत्रकारों का नाम लिया… खैर…

कुछ ही दिन पहले अमेरिका में कुछ और भी घटा. इसी शो-डाउन के अगले दिन पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ अमेरिका में ही एक कांफ्रेंस में वक्ता के तौर पर आमंत्रित थे. कांफ्रेस का टॉपिक पाकिस्तान में आतंकवाद था. लोगों के सवाल का उत्तर आसिफ साहब को देना था.

पाकिस्तान के विदेश मंत्री आसिफ साहब ने कहा : हाँ ये पाप है, आतंक को प्रश्रय देना पाप है. और हम पापी हैं, लेकिन अकेले नहीं. अमेरिका बराबर का भागीदार है. आज वही अमेरिका हमें आतंकवाद फैलाने का दोषी बता रहा है, जिसने हमें आतंकवाद का कारोबार सिखाया.

आसिफ साहब ने पाकिस्तान की हिस्ट्री बयान की, उन्होंने बताया कैसे हम एक आतंकवादी राष्ट्र बने. उन्होंने बताया कि जब सोवियत संघ ने अफ़गानिस्तान पर कब्ज़ा नहीं किया था. कोल्ड वॉर शुरू नहीं हुई थी. हम एक लिबरल देश थे.

आसिफ साहब ने कहा : “सुन्नी, शिया, हिन्दू, ईसाई सभी हमारे साथ मिलजुल कर रहते थे. हम सभी पाकिस्तानी थे. लेकिन आज वही अपनी पहचान छुपाकर रहते हैं, उन्होंने अपने नाम बदल लिए हैं (दानिश कनेरिया पाकिस्तानी स्पिनर हिन्दू था, ओरिजिनल नाम दिनेश) ताकि खुद को सुरक्षित रख सकें. ये ट्रेजडी है पाकिस्तान की. लेकिन इसके लिए हमें दोष देने की बजाय हमारे साथ इस दुःख को शेयर कीजिये.”

आसिफ साहब ने कहा कि हम लिबरल से जिहाद की तरफ बढ़े क्योंकि ये अमेरिका के इंटरेस्ट को सूट करता था. जिहाद को जस्टिफाई करने के लिए हमने पाकिस्तान का लिबरल चरित्र बदला उसे कटटर बनाया. हमने हर चीज़ बदल दी क्योंकि वो अमेरिका को सूट करता था. हमने अपने इथोज़ नष्ट किये और आज हमारी करंट जनरेशन उसके परिणाम भुगत रही है.

आसिफ साहब ने आगे कहा कि ये जो हक्कानी और हाफिज़ सईद हैं, इन्हे अमेरिका ने 30 साल पहले पाला पोसा. इनको वाइट हाउस में वाइन एन्ड डाइन कराया. और आज वही अमेरिका हमें हाफिज़ सईद और हक्कानी को बढ़ावा देने का आरोप लगा रहा है.

आसिफ साहब ने कहा कि हम हमेशा अमेरिका के साथ रहे. जब अमेरिका ने कहा कि आतंक को पालो पोसो, हमने किया. आज जब वो इन्हे ख़त्म करने को कह रहा है तो हम वही कर रहे हैं.

आसिफ साहब ने कहा, हाँ आतंकवाद हमारे ऊपर बोझ है. सईद और लश्करे तैयब्बा लायबिलिटी हैं. जिनसे हमें निपटना है लेकिन निपटने के साधन नहीं हैं. हमें समय लगेगा.

आसिफ साहब ने कहा कि ट्रम्प साहब का ये कहना सफ़ेद झूठ है कि हमें बिलियंस ऑफ़ डालर अमेरिका ने दिए हैं. आसिफ साहब ने कहा आपने दान नहीं दिया है, हमने खिदमत की है, आपकी सेवा की है.

आसिफ साहब ने लगभग रोते हुआ कहा कि हमें अमेरिका ने इस्तेमाल किया और अब भाड़ में जाने को हमसे कहा जा रहा है. आसिफ साहब गिड़गिड़ाते हुए बोले कि इस तरह अमेरिका हमसे नाता नहीं खत्म कर सकता.

अंत में आसिफ साहब भारत को कोसते हुए बोले कि भारत हमसे बात नहीं कर रहा है, भारत में मुस्लिम मारे जा रहे हैं जिसकी वजह से पाकिस्तान में और इन-स्टेबिलिटी आ रही है.

वेल, ये वो सच्चाई है जो पाकिस्तान ने खुद कबूली है. कल अमेरिका के हाथों बिके, आज चीन के हाथों में खेल रहे हैं.

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