फेसबुक पर ब्लॉक कराने का खेल मत खेलो, हिम्मत है तो मैदान में आओ, रक्त बीज हैं हम…

आज सुबह सो के उठे तो देखा कि Akeela papita के नाम से बनी id और उसपे चल रहे Ajit Singh नामक फेसबुक पेज को भी down कर दिया है फेसबुक ने. स्वनामधन्य पत्रकार रविश कुमार ने पीएम मोदी को जो खुला खत लिखा था, कल रात मैंने उसका जवाब दिया था उसी पेज पे, अपने चिर परिचित अंदाज़ में.

आज सुबह देखा कि फेसबुक ने वो पोस्ट हटा दी है, और Akeela Papita को भी डाउन कर दिया है, Ajit Singh पेज को भी डाउन कर दिया है. इस से पहले जब कोई आईडी ब्लॉक होती थी तो भी उस आईडी में मैं लॉग इन हो सकता था, सिर्फ लिखने और लाइक-कमेन्ट करने पे प्रतिबंध होता था.

आज आलम ये है कि मेरी कुल 6 आईडी और एक पेज, सबको फेसबुक ने ब्लॉक कर दिया है. ब्लॉक नही किया बल्कि यूँ कहना चाहिए कि डीएक्टिवेट कर दिया है. आपको मेरी आईडी दिख रही है या नहीं, पता नहीं… पर मैं अपनी किसी भी आईडी से लॉग इन नही कर पा रहा हूँ.

देश की सेक्युलर बिरादरी ये आरोप लगाती आयी है कि देश मे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं है. राहुल गांधी संसद में बयान देते हैं कि मुझे मोदी जी बोलने नही देते. मैं, सेक्युलर्स और लिबरलों से पूछना चाहता हूँ कि अब कौन किसका गला घोंट रहा है. कौन किसको लिखने-बोलने से रोक रहा है?

रविश कुमार… तुम Spit and Skoot की पत्रकारिता करते हो? थूको और भागो पत्रकारिता… झूठे आरोप लगाओ और भागो पत्रकारिता…

तुमने मोदी सरकार की 7 महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को अपनी फेसबुक पोस्ट में फेल/ असफल घोषित किया था. मैं उन सातों परियोजनाओं की तथ्यात्मक समीक्षा कर रहा हूँ, बाकायदा proof के साथ, ground report दे रहा हूँ, अपने तथ्यों के समर्थन में proof दे रहा हूँ, pics दे रहा हूँ.

रविश, तुम्हारे पास मुझसे ज्यादा संसाधन हैं. पूरा channel है. हज़ारों पत्रकार हैं, cameramen हैं, stringers हैं… ऐसा नहीं है कि तुम ground पे जा के सच्चाई स्वयं नहीं देख सकते… तुम भी google कर सकते हो, तुम भी अपने followers से कह सकते हो कि ground पे जाओ और बताओ कि Statue of Unity की क्या progress है? वडोदरा में रेलवे यूनिवर्सिटी का क्या हुआ?

GIFT city का क्या status है. देश भर में smart Cities पे क्या काम चल रहा है. नमामि गंगे में गंगा और उनकी सहायक नदियों के किनारे बसे महानगरों, शहरों, कस्बों में Sewer Treatment plant बन रहे है या नहीं?

आपकी समस्या ये है कि आप दरअसल सच्चाई जानना ही नहीं चाहते. आपको तथ्यों से कोई सरोकार ही नहीं है. आपको सिर्फ थूक के भाग जाना है. आपको सिर्फ आरोप लगाना है और भाग जाना है.

और दूसरी सबसे बड़ी बात ये कि आपकी और आपके channel की कोई जवाबदेही नहीं है. आप एकतरफा माध्यम हैं. आपको सिर्फ अपनी बात कहनी है. आपके माध्यम में हमारी कोई भागीदारी नहीं है.

जबकि हम लोग, सोशल मीडिया वाले, शीशे के घरों में बैठे हैं. हम कुछ भी गलत अनर्गल झूठ लिख दें तो क्षण भर में लोग नीचे comment box में सच्चाई सामने ला देते हैं. नीर क्षीर कर देते है. तथ्य सामने रख देते हैं. घटना स्थल की फोटो खींच के सामने रख देते हैं. तुरंत घटना स्थल से fb Live कर देते हैं.

रविश कुमार, मोदी सरकार की 7 परियोजनाओं को फेल घोषित करने से पहले तुमने उनसे जुड़े लोगों को बुला के सत्य जानने की कोशिश क्यों नही की? Prime time पे उनसे सवाल क्यों नहीं किये? जैसे BHU के VC को grill किया उसी तरह Statue Of Unity बनाने वाली L&T के अधिकारी से क्यों नहीं पूछा कि statue कहाँ तक बनी? क्यों फेल हुई?

वो इसलिए कि तुमको सिर्फ झूठे अनर्गल आरोप लगाने हैं, Spit n Skoot पत्रकारिता करनी है.

Ravish Kumar… रोज़ाना रात 9 बजे मजमा जमाते हो न अपने channel पे… किसी दिन हमको बुलाओ. जो पूछना है पूछना. सबका जवाब मिलेगा. पर फिर सवाल हम भी पूछेंगे. हमको भी बहुत कुछ पूछना है तुमसे.

अगर तुम न बुलाओ तो चलो हम Fb Live करते हैं दिल्ली में… आओ हमारे channel पे आओ और हमारे सवालों का जवाब दो.

Ravish… चैलेन्ज है तुम्हें… Open खुला challenge… आओ… हमारे सामने एक मिनट टिक के दिखाओ.

बेटा… तुम AC स्टूडियो में बैठ के पत्रकारिता करते हो, हम जंगल मे घूम के लिखते हैं. ground पे, ज़मीन पे लिखते हैं.

फेसबुक पर ब्लॉक कराने का खेल मत खेलो. हिम्मत है तो मैदान में आओ. अजित सिंह की एक आईडी ब्लॉक कराओगे तो अजीत सिंह की पोस्ट एक लाख IDs पे दिखेगी. रक्त बीज हैं हम…

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  1. ये क्या ब्लॉक करेंगे और कितनों को ब्लाॅक करेंगे आप एक बार बोलिये हजारों आईडी बन जायेगी सर

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