थूक कर भागने वाले ‘पत्तलकार’ को पहला जवाब : रेल यूनिवर्सिटी

कल एक स्वनामधन्य पत्तलकार Rabies Kumar ने मोदी सरकार की जिन सात परियोजनाओं को फेल बताया है, उनमें से एक वडोदरा गुजरात में प्रस्तावित रेल यूनिवर्सिटी भी है. इस यूनिवर्सिटी की स्थापना का प्रस्ताव पहली बार दिसम्बर 2015 में आया. तय हुआ कि वडोदरा में 100 एकड़ ज़मीन पर एक राष्ट्रीय रेल विश्वविद्यालय की स्थापना हो.

ज़मीन अधिग्रहण के बाद कुल 865 करोड़ का बजट प्रस्तावित हुआ. परियोजना के लिए ज़मीन खोजने का काम वडोदरा जिले में तीन गाँवों में शुरू हुआ. पाड्रा, देसर और पिपरिया. प्रारम्भिक सर्वे के बाद इसमें से पिपरिया का चयन हुआ और ज़मीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी.

[थूको और भागो! अरे, ई का पत्रकारिता हुई भई?]

हमारे देश में किसानों से ज़मीन का अधिग्रहण एक जटिल प्रक्रिया है और इसमें कांग्रेस जैसे राजनीतिक दल बहुत रोड़े अटकाते हैं, फिर भी सिर्फ 8 महीने में ये काम पूरा कर लिया गया. प्रस्ताव के सिर्फ 10 महीने बाद 22 अक्टूबर 2016 को जब प्रधानमंत्री मोदी वडोदरा के अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का उदघाटन करने आये तो उसी दिन, वहीं वडोदरा में ही उन्होंने विधिवत रेल विश्वविद्यालय की घोषणा की.

ये यूनिवर्सिटी 865 करोड़ रूपए के बजट से अगले 10 सालों में अपने वृहद स्वरुप में बन के तैयार होगी. तब तक के लिए वडोदरा में ही प्रताप विलास पैलेस में चलने वाले NAIR बोले तो National Academy of Indian Railways के कैंपस में ही रेल इंजीनियरिंग में MTech और रेल मैनेजमेंट में MBA के पाठ्यक्रम इसी सत्र से शुरू किये जा चुके हैं.

इसके अलावा देश में 5 अन्य जगहों यथा, सिकंदराबाद, नासिक, पुणे, जमालपुर और लखनऊ में भी रेलवे कॉलेज हैं. इन्हें रेल यूनिवर्सिटी के रीजनल सेंटर्स के रूप में विकसित किया जा रहा है और फिर जैसे-जैसे नयी यूनिवर्सिटी बन के तैयार होती रहेगी, नए-नए कोर्स शुरू होते रहेंगे.

जापान के सहयोग से बनने वाली बुलेट ट्रेन का तकनीकी हस्तांतरण और रेलवे इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट भी इसी यूनिवर्सिटी में पढ़ाया जाएगा.

प्रस्ताव के सिर्फ 16 महीने के भीतर यूनिवर्सिटी मूर्त रूप ले चुकी है. 2017 के रेल बजट में 200 करोड़ रूपए का प्रस्ताव इसके लिए किया गया है, पर महाधूर्त Rabies Kumar ने इसे फेल भी घोषित कर दिया. जबकि कायदे से देखा जाए तो यूनिवर्सिटी अभी गर्भ में ही है.

जो मित्र वडोदरा और उसके आसपास रहते हैं, वो कृपया वडोदरा के वाघोदिया तालुका के पिपरिया गाँव जा कर ग्राउंड रिपोर्ट दें और यदि कोई निर्माण कार्य शुरू हुआ है तो उसकी तस्वीरें डालें जिस से Rabies कुमार को कायदे से मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके.

क्रमशः… अगली रिपोर्ट Statue of Unity पर

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