एक नए बुलंद भारत का निर्माण करेगी बुलेट ट्रेन

कुछ लोग पूछ रहे हैं कि मुम्बई से अहमदाबाद की फ्लाइट 40 मिनट की और भाड़ा 3000 रूपए है तो Bullet Train में कौन बैठेगा जिसका भाड़ा 4000 रूपए और यात्रा में लगाने वाला समय 3 घंटे है. मुझे लगता है कि ऐसा बेहूदा सवाल सिर्फ वही लोग पूछते हैं जिन्होंने कभी Air Travel नहीं किया है. बंगलुरू से मुम्बई आइये कभी, सुबह 7 बजे वाली फ्लाइट से फिर बताइएगा कि कितने घंटे की फ्लाइट है.

मुम्बई अहमदाबाद बुलेट ट्रेन के रास्ते में कुल 12 स्टेशन होंगे. दो किस्म की गाड़ियां चलेंगी. एक वो जो पूरे रास्ते मे मुम्बई से चल के सिर्फ सूरत वडोदरा रुक के अहमदाबाद आएंगी. इनका सफर 2 घंटे का होगा. दूसरी वो जो मुम्बई से चल के ठाणे, वापी, वलसाड, बिलिमोरिया, सूरत, वड़ोदरा, आनंद जैसे स्टेशनों पर भी रुकेंगी. इनका सफर अढाई घंटे का होगा.

ये कहना बहुत आसान है कि मुम्बई-अहमदाबाद की फ्लाइट 40 मिनट की है. आनंद-मुम्बई की फ्लाइट? या फिर वापी-अहमदाबाद की फ्लाइट? ठाणे-अहमदाबाद की फ्लाइट? ठाणे या वापी से मुम्बई जा कर फ्लाइट पकड़ने का मतलब जानते हैं?

दिल्ली चंडीगढ़ लुधियाना जालंधर अमृतसर जम्मू रूट पर भी एक बुलेट ट्रेन प्रस्तावित है. लुधियाना जालंधर से दिल्ली या अमृतसर या जम्मू के लिए हवाई सेवा नहीं है. ये बुलेट ट्रेन पंजाब और जम्मू के लिए वरदान सिद्ध होगी.

फ्लाइट का समय सिर्फ टेक ऑफ से लैंडिंग तक जोड़ना मूर्खता होगी. हवाई यात्रा में समय, घर से निकलने से ले कर दफ्तर पहुंचने तक जोड़ना चाहिए. ऐसे में एक मित्र ने सवाल किया है कि बुलेट ट्रेन आपको घर से उठा के घर पर छोड़ेगी क्या?

भारत मे जब बुलेट ट्रेन की योजना बनी तो नियोजकों ने जापानी इंजीनियरों के सामने एक शर्त रख दी. बुलेट ट्रेन के सारे स्टेशन वर्तमान भारतीय रेलवे के स्टेशन के अगल बगल या फिर ऊपर नीचे बनेंगे.

ये हालांकि जापानी इंजीनियरों के सामने बड़ा चुनौतीपूर्ण कार्य था, फिर भी… सारे स्टेशन अगल बगल ही बन रहे हैं. आम तौर पर हम लोग अपने घरों से रेलवे स्टेशन 10-20 मिनट में पहुंच ही जाते हैं. दिल्ली जैसे महानगरों में किसी ज़माने में दूरियाँ थीं पर मेट्रो ने काम आसान कर दिया है.

पर हवाईअड्डों के साथ ऐसा नही है. बंगलुरु का एयरपोर्ट तो मुख्य शहर से दो घंटे दूर है. जालंधर में अगर कभी एयरपोर्ट बना तो वो आदमपुर में होगा. यानी मुख्य शहर से 35 या 40 मिनट दूर. लुधियाना का एयरपोर्ट साहनेवाल में है. मुख्य शहर से 45-50 मिनट दूर. ऐसे ही प्रत्येक शहर में एयरपोर्ट शहर से दूर, बहुत दूर ही हैं. इसके विपरीत रेलवे स्टेशन शहर के बीचोबीच.

हवाई यात्रा की सबसे बड़ी समस्या है सिक्योरिटी चेक इन का समय जो अब दो घण्टे कर दिया गया है. इसके बाद भी, बोर्डिंग करने के बाद व्यस्त हवाई ट्रैफिक के कारण उड़ान के लिए क्लीयरेंस न मिलना.

इसके विपरीत भारतीय रेल में आप ट्रेन छूटने से 5 मिनट पहले पहुंचते है और अगर एक मिनट भी लेट हुए तो गाड़ी छूट जाती है.

इसके अलावा जहां तक पूंजी निवेश की बात है, नये हवाईअड्डे और हवाईजहाज़ का निवेश भी कोई बुलेट ट्रेन से सस्ता तो नहीं… हवाई यात्रा का विकास बेहद महत्वपूर्ण है पर हवाईजहाज़ ट्रेन, सामान्य हो या बुलेट, का विकल्प कभी नही बन सकते.

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