अब नहीं चलेगा ‘शोले के सिक्के’ वाला नज़रिया

अंतरंग विषयों पर भारतवर्ष कितना स्वछंद था ये हमे खजुराहो के मंदिर बताते हैं. मंदिरों की बाहरी दीवारों पर यौन क्रियाएं उकेरने का साहस प्राचीन काल में दिखा देने वाला भारत आज सनी लियोन के एक विज्ञापन पर चीत्कार रहा है. धर्म भी खतरे में आ गया, सुना है.

आज देश घर के भीतर ही चौतरफा आक्रमण झेल रहा है. ये आक्रमण संस्कृति पर हो रहे हैं. बाबा राम-रहीम को लेकर मचाया गया अतिरेक संकेत दे रहा है कि मेसेंजर के कंधों पर बंदूक है और निशाना सनातन है. सनी लियोन का विज्ञापन और बाबा राम रहीम का तनाव देश को देने वाले ‘एक’ ही हैं. पहले हमारी बोल्डनेस को शर्म बनाया और अब उसी शर्म से हमें अपमानित किया जा रहा है.

दिवाली में सजने लगे बाजार टाइप मौसमी खबरों की तरह एक खबर और है जो हर साल नवरात्रि में आप तक ठेली जाती है ताकि आप अपने हिंदू धर्म पर शर्म महसूस कर सके. ‘नवरात्रि में कंडोम और गर्भ निरोधक दवाओं की बिक्री में जबरदस्त उछाल’ जैसी खबरें हम घर-परिवार वालों को अंदर तक हिला देती है. गुजरात शर्मसार होता है.

हर साल केंद्र और राज्य सरकारें स्वास्थ्य विभाग के द्वारा परिवार नियोजन को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता है. कंडोम बिक्री को सरकार खुद प्रोत्साहन देती है. प्रचार का ये तरीका हमें स्वीकार्य है लेकिन सनी लियोन वाला नहीं. हम अपनी बोल्डनेस सड़कों पर नहीं दिखाते लेकिन पूरी दुनिया हमारी ‘बोल्डनेस’ के आगे पानी भरती है.

कंडोम की बिक्री में घट-बढ़ होना सामान्य प्रक्रिया है लेकिन इस विषय के केंद्र में नवरात्रि को रखना निहायत ही बेहूदा है. आप कैसे तय कर लेंगे कि नवरात्रि के दौरान अविवाहित युवा ही बिक्री बढ़ा रहे हैं. कुछ मामले होते भी हैं लेकिन उनको खबरों में लाने का मकसद सिर्फ हमें अपमानित करने का ही प्रतीत हो रहा है.

फिर भी मीडिया की शैली में ही जवाब देना होगा तो मैं यही कहूंगा ‘कम से कम हिन्दू कई तरीकों से परिवार नियंत्रण कर देशहित का ही काम कर रहे हैं. एक बार उन पर भी खबर बनाओ, जो बच्चों की खेती एक ‘खतरनाक मकसद’ को लेकर कर रहे हैं. नवरात्रि पर मैनफोर्स का विज्ञापन दरअसल विवाद उपजाने के लिए ही लगाया गया है. अब एक माह बाद कंडोम बिक्री में उछाल की खबर के साथ हिंदुओं के विरोध प्रदर्शन पर सवाल उठाया जाएगा.

अब की बार ऐसी खबरें लगाने वाले मीडिया को कटघरे में लाइये. उन्हें ट्विटर पर घेरिये. और अपने सोये पड़े बंधुओं को जगाइए. धर्मयुद्ध निकट ही है. अबकी करारा जवाब देना है. सनी लियोन और राम-रहीम कुछ भी नहीं है, आगे-आगे बहुत कुछ होने जा रहा है इसलिए सब्र आवश्यक है.

वे लोग जो धर्म के मामले में ‘शोले के सिक्के’ की तरह सीधे खड़े हैं, उनको अब निर्णय कर ही लेना होगा कि ‘किस ओर’ गिरना है. जो दोनों सेनाओं के मध्य में खड़े होंगे, कुचले जाएंगे.

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