ये रिश्ता क्या कहलाता है?

लड़की देखने-दिखाने का दौर खत्म हुआ, अब लड़का लड़की बातचीत करने लगे. कुछ दिनों की बातचीत के बाद लड़के ने शादी से इंकार कर दिया. इस पर लड़की बोली कि “तुम अगर मुझसे शादी नहीं करोगे तो मैं मर जाऊंगी, अगर तुमसे शादी नहीं हुई तो फिर पूरी जिंदगी किसी और से शादी नहीं करुंगी, तुम ही मेरा आखिरी प्यार हो, आखिरी आशा हो, फलाना ढिकाना”… दुनियाभर के डायलॉग मारे गए.

आखिरकार लड़के ने शादी के लिए हां कर दी, शादी हो गई. कुछ समय बीतने के बाद “अब वही लड़की कहती है कि मेरा तो भाग्य ही खराब था जो मैंने आपसे शादी की, कैसे घर में आ गई हूं मैं? घर व्यवस्थित नहीं है, इसकी तो सीढ़ियां भी टेढ़ी है, मेरी मति मारी गई थी जो मैंने आप से शादी की, इससे तो वह दूसरा रिश्ता बैंक क्लर्क वाला कौन सा बुरा था, फलाना ढिकाना”… दुनिया जहाँ की बातें.

पति ने परेशान हो कर कहा, “अरे अगर तुम्हें इतनी ही दिक्कत है मुझ से और इस घर से तो अपने घर चली जाओ और कोई और ढूंढ लो”. इस पर पत्नी तिलमिला गई, बोली “शादी कर के आयी हूँ, कोई भाग कर नहीं आई हूं जो वापस चली जाऊं”. पति ने सोचा घर ठीक करवा दूँ तो शायद सब ठीक हो जाएगा, सो उसने घर का रेनोवेशन करवाना शुरू कर दिया.

अब घर में काम चालू हुआ और चालू हुए श्रीमती जी के ताने “पूरे घर को कूड़ाघर बना दिया, अरे किसने कहा था ये सब करवाने को? देखो सब तरफ धूल ही धूल, कचरा और गंदगी”. ख़ैर जैसे-तैसे घर का रेनोवेशन पूरा हुआ. अब पत्नी खुश बोली, “मुझे पता था मेरी चॉइस कभी गलत हो ही नहीं सकती, ना जाने कितने सावन के सोमवार के व्रत किये तब जा कर तुम मिले हो”.

घर से छूटे तो बात अब गाड़ी पर अटक गयी कि इस खटारा में नहीं जाना, पड़ोसी सहेलियां हंसी उड़ाती हैं, पूरी ज़िंदगी क्या इसी में गुजारनी पड़ेगी, इस से तो अच्छा है मैं ऑटो रिक्शा से चली जाऊँ”. और फिर वही सब चालू… चलिये साहब जैसे तैसे नई गाड़ी भी आ गयी. अब फिर से मैडम का प्यार उमड़ आया और अपनी कॉलर ऊपर कर के बोली, “मेरी चॉइस गलत हो ही नहीं सकती”.

अभी कुछ दिन ही हुए थे कि एक नई फरमाइश आ गयी AC लगवाना है, वो भी लग गया. अब पति ने कहा, “काफी खर्चा हो गया है अब खर्चो में कुछ कटौती करनी होगी”. पत्नी बोली, “मुझे पता था आप एक पैसा का काम करोगे और सौ सुनाओगे, आपको saturday का डिनर और sunday की फ़िल्म अखर रही है, पर अपने दोस्तों के साथ पार्टी करते हो उसमे कटौती नहीं करोगे”.

पति बोला, “अरे उसे पार्टी नहीं कहते, वो बिज़नेस मीटिंग होती हैं धंधा बढ़ाने के लिए”, पत्नी बोली, “मुझे कुछ नहीं मालूम, दीवाली आ रही है. मैं सुनार के यहाँ हीरों का हार पसंद कर आई हूं और उसे बनवाने के लिए बोल आयी हूँ. अगर हार नहीं आया तो मैं खाना नहीं खाऊँगी”.

उधर पति काम कर-कर के मरा जा रहा था, फरमाइशें पूरी करते करते उसकी वाट लग गयी थी और उसका पूरा श्रेय मैडम की चॉइस और सोमवार के व्रत को जा रहा था. कुल मिलाकर ख्वाहिशों की लाइन लगी थी, निश्चित इनकम में गुजारा करना था, कटौती करने को कोई तैयार नहीं था, और मेहनत का कोई recognition नहीं था.

ऐसा ही हाल कुछ मोदी विरोधियों का है. पहले तो बोले, मोदी के अलावा कोई और नहीं चलेगा. अब सुबह से रात तक मोदी को कोसते फिरते हैं. यदि कोई बोल दे कि पार्टी बदल लो या नेता बदल लो, तो तिलमिला जाते हैं, कहेंगे – वोट दिया है, कोई फ्री में नहीं मांग रहे ये सब.

रोड ठीक नहीं है, ऐसा नहीं है वैसा नहीं है, सो मोदी ने हाईवे निर्माण को 4 गुणा स्पीड से बनवाना शुरू कर दिया. फिर बोले सिस्टम खराब है तो सिस्टम को revamp किया तो बोले भट्टा बैठ गया देखो मंदी आ गयी.

रोज़ एक नई फरमाइश के साथ हाज़िर रहते हैं, लेकिन किसी प्रकार की कटौती के लिए तैयार नहीं हैं, टैक्स नहीं भरना है. मोदी के विदेश दौरे बुरे लगते हैं जिसकी वजह से आज भारत की डोकलाम सहित बाकी हर मोर्चे पर विजय हो रही है. खूब कोसते हैं मोदी को और अगर कोई अच्छा काम हो जाये तो अपनी कॉलर ऊपर कर के कहते हैं देखो मैंने वोट दिया था, मुझे पता था मेरी चॉइस गलत हो ही नहीं सकती. मने जो कुछ है, इनकी चॉइस है मोदी की मेहनत कुछ नही.

चलिये मान लिया ये भी ठीक है, पर जिस प्रकार पत्नी शिकायत अपने पति से करती है पड़ोस में रोने नहीं जाती, उसी प्रकार आप भी अपनी शिकायत सीधे PM को ट्वीट कीजिये उनके मंत्रियों को कीजिए pgportal पर कीजिये ताकि आपकी बात उन तक पहुंच सकें.

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