कम बारिश के बाद अब पेयजल की चिंता, मप्र सरकार ने जारी किए निर्देश

भोपाल. प्रदेश के कई जिलों में सामान्य से कम वर्षा होने से पीने के पानी तक की किल्लत हो सकती है. इस बारे में सरकार ने अब हैण्डपम्प, तालाबों, स्टॉपडैम आदि की सुध ली है. मंगलवार को प्रदेश के जलसंसाधन मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने अपने प्रभार के रीवा जिले में सूखे की स्थिति के संबंध में आज अधिकारियों से विभागीय कार्य-योजना की जानकारी ली.

डॉ. मिश्र ने निर्देश दिये कि सभी अधिकारी मुस्तैद रहें. सूखे से निपटने के लिए कार्य-योजना का क्रियान्वयन तत्परता से सुनिश्चित करें. जिले में नहर, तालाब, स्टापडैम आदि जल-स्रोतों को दुरूस्त करायें ताकि बाणसागर के पानी से उन्हें भरा जा सके और लोगों को जरूरत के हिसाब से पानी मिल सके. तालाबों को बचाने के सभी प्रयास हों. पीने के पानी के लिए हैंडपंप भी चालू हालत में रहें. नहरों को दुरूस्त किया जाए ताकि बाणसागर के पानी से किसानों को पलेवा और सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध हो सके.

रीवा जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. मिश्र ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि सूखे की स्थिति की कार्य-योजना में हैण्डपंपों में राइजर पाइप बढ़ाने, बिगड़े हैण्डपंपों को तत्काल सुधार की व्यवस्था सुनिश्चित करें. गांवों में बिगड़े हैण्डपंपों के सुधार के लिये हैण्डपंप मेकैनिक नियुक्त किये जाएं तथा सुधार के उपरांत उनके भुगतान की व्यवस्था पंचायत से सुनिश्चित की जाए.

डॉ. मिश्र ने जिले में पशुओं के लिये पानी, चारा आदि की उपलब्धता के लिये कार्य-योजना बनाकर व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करें. इस अवसर पर विभागीय अधिकारियों ने सूखे की स्थिति के संबंध में कार्य-योजना का प्रस्तुतिकरण किया. बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी सुझाव दिये. बैठक में बताया कि रीवा जिले में चालू वर्षा काल में अभी तक 23 प्रतिशत कम बारिश हुई है. जिले में बोनी, फसल गिरदावरी आदि की विस्तृत जानकारी दी गई.

इसके साथ ही प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजनान्तर्गत जिला खनिज प्रतिष्ठान न्यास समिति की बैठक प्रभारी मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई. बैठक में जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने पर सहमति व्यक्त की गई.

डॉ. मिश्र ने निर्देश दिये कि इन केन्द्रों को बेहतर बनाने के लिए जिला खनिज प्रतिष्ठान न्यास से राशि उपलब्ध करायी जाए. इसके साथ ही सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में मर्चुरी स्थापित की जाए. मंत्री डॉ. मिश्र ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के बेहतर इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिये.

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